Greater Noida West स्थित Mahagun Mantra-2 सोसाइटी के फ्लैट खरीदारों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 90 दिनों के भीतर फ्लैटों की रजिस्ट्री सुनिश्चित करनी होगी। इस फैसले के बाद सोसायटी के निवासियों में खुशी का माहौल है। लोगों ने इस कानूनी लड़ाई में सहयोग करने वाली नेफोमा (NEFOWA) टीम का मिठाई खिलाकर धन्यवाद किया।
महागुण मंत्रा-2 सोसायटी में करीब 1100 फ्लैट बने हुए हैं, जिनमें 1000 से अधिक परिवार रह रहे हैं। कई वर्षों से निवासी अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे थे और लगातार बिल्डर व प्राधिकरण के चक्कर काट रहे थे।
वर्ष 2022 से लंबित थी रजिस्ट्री प्रक्रिया
निवासियों का आरोप है कि वर्ष 2022 में फ्लैट बुकिंग और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिल्डर प्रबंधन ने जल्द रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया था। लोगों ने स्टांप पेपर तक खरीद लिए थे, लेकिन इसके बावजूद तीन से साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी रजिस्ट्री नहीं कराई गई।
फ्लैट खरीदारों का कहना है कि बिना रजिस्ट्री के वे अपने ही घर के कानूनी मालिक नहीं बन पा रहे थे। इससे बैंकिंग, संपत्ति हस्तांतरण और अन्य कानूनी कार्यों में भी दिक्कतें आ रही थीं।
नेफोमा टीम के सहयोग से हाई कोर्ट पहुंचा मामला
लगातार देरी और बिल्डर की ओर से समाधान न मिलने के बाद निवासियों ने नेफोमा के मुख्य सलाहकार दीपक दुबे और अध्यक्ष अन्नू खान से संपर्क किया। इसके बाद फ्लैट खरीदारों की ओर से इलाहाबाद हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई।
हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को निर्देश दिया कि 90 दिनों के भीतर सभी पात्र फ्लैटों की रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाए। कोर्ट के आदेश के बाद निवासियों ने इसे बड़ी जीत बताया।

निवासियों ने मिठाई बांटकर जताई खुशी
कोर्ट का आदेश आने के बाद सोसायटी में खुशी का माहौल देखने को मिला। निवासियों ने नेफोमा टीम का धन्यवाद करते हुए मिठाई बांटी और कहा कि संगठन के सहयोग से ही उन्हें न्याय मिल सका।
सोसायटी निवासी संतोष ने बताया कि लंबे समय से लोग मानसिक तनाव में थे क्योंकि उन्होंने अपनी जिंदगी की बचत फ्लैट खरीदने में लगा दी थी, लेकिन रजिस्ट्री न होने के कारण असुरक्षा बनी हुई थी।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी उठे सवाल
बैठक के दौरान निवासियों ने सोसायटी की बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। लोगों का कहना है कि कई बार बिल्डर कार्यालय पर प्रदर्शन करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया।
निवासियों ने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस, साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को लेकर भी लगातार परेशानियां बनी हुई हैं। उनका कहना है कि केवल रजिस्ट्री ही नहीं, बल्कि बेहतर रहने योग्य सुविधाएं देना भी बिल्डर की जिम्मेदारी है।
अब प्राधिकरण की कार्रवाई पर टिकी नजरें
हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब सभी की नजरें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई पर टिकी हैं। निवासियों को उम्मीद है कि तय समय सीमा के भीतर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होगी और उन्हें अपने फ्लैट का कानूनी मालिकाना हक मिलेगा।
बैठक में संतोष सिंह, प्रवीण, संतोष आनंद, अंकित, साकेत, संतोष श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में निवासी मौजूद रहे।
