Delhi News: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में जांच तेज होने के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने भी पद छोड़ दिया। दोनों के इस्तीफे ऐसे समय आए हैं, जब दान राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर जांच जारी है और मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
अरविंद केजरीवाल ने किए रामलला के दर्शन
इसी घटनाक्रम के बीच आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे और रामलला के दर्शन किए। दर्शन के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि केवल एफआईआर दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए, ताकि दान राशि के उपयोग से जुड़े सभी तथ्यों का पता चल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
जांच में अब तक क्या हुआ
मामले की जांच के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई राशि के प्रबंधन में कहीं कोई अनियमितता तो नहीं हुई। प्रारंभिक जांच में दान राशि के प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था में कुछ गंभीर खामियों की ओर संकेत किया गया है, जिसके बाद जांच को और तेज कर दिया गया।
इस्तीफे के बाद बढ़ी पारदर्शिता की मांग
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने पूरे मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग तेज कर दी है। दूसरी ओर ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस्तीफे का उद्देश्य जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ने देना है और इसका अर्थ किसी दोष स्वीकार करने से नहीं लगाया जाना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
देशभर की नजर जांच पर
राम मंदिर देश की आस्था का प्रमुख केंद्र है, इसलिए इस मामले पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। श्रद्धालु चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी हो तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर लगातार अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच की प्रगति और अदालत की कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।
