Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 150 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर प्रदेश के वित्त मंत्री और रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सामूहिक विवाह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सादगी और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ मजबूत संदेश है।
रायगढ़ जिले में 150 जोड़ों का सामूहिक विवाह
रायगढ़ के पटेलपाली कृषि उपज मंडी में आयोजित मुख्य समारोह सहित जिले के विभिन्न विकासखंडों में सामूहिक विवाह कार्यक्रम संपन्न हुए। इनमें रायगढ़ में 45, खरसिया विकासखंड में 15, बंजारी धाम खरसिया में 30, लैलूंगा में 30 और धरमजयगढ़ में 30 जोड़ों का विवाह कराया गया।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी स्थलों पर आकर्षक और सुव्यवस्थित तैयारियां की गई थीं। विवाह मंडपों को पारंपरिक ढंग से सजाया गया था तथा वर-वधू और उनके परिजनों के लिए आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई।
दहेज प्रथा के खिलाफ सकारात्मक पहल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज में समानता और सादगी को बढ़ावा देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन दहेज प्रथा के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है ताकि आर्थिक अभाव किसी परिवार के लिए बेटी के विवाह में बाधा न बने।

प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता
वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजे जाते हैं। शेष राशि विवाह आयोजन, परिधान और आवश्यक सामग्री पर खर्च की जाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार की यह व्यवस्था योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है।
45 नववधुओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 45 नववधुओं को स्वेच्छानुदान मद से 5-5 हजार रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।

रानी दुर्गावती योजना का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “रानी दुर्गावती योजना” का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बेटी के जन्म के बाद पंजीयन कराने पर उसके 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर शासन की ओर से डेढ़ लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह योजना बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण को नई दिशा देगी।
गायत्री परिवार और अधिकारियों की सराहना
वित्त मंत्री ने आयोजन में सहभागी गायत्री परिवार की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था समाज में संस्कार, शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में प्रेरणादायक कार्य कर रही है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों की भी सराहना की।
