Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक हाईराइज सोसायटी में आग लगने की घटना से लोगों में हड़कंप मच गया। एक्सोटिका ड्रीम वैली सोसायटी के एक फ्लैट में अचानक आग लगने से पूरे टावर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे और जनहानि को टाल दिया गया।
13वीं मंजिल के फ्लैट में लगी आग
जानकारी के अनुसार, सोसायटी के टी-1 टावर में स्थित 13वीं मंजिल के एक फ्लैट में आग लग गई। आग लगने के बाद फ्लैट से धुआं निकलने लगा, जिसे देखकर आसपास के लोगों ने तुरंत सोसायटी प्रबंधन और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर बचाव दल पहुंच गया और आग बुझाने का काम शुरू कर दिया गया।
मंदिर के दीये से आग लगने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फ्लैट में बने मंदिर में जल रहे दीये से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। बताया गया कि दीये की लौ से आसपास रखा सामान आग की चपेट में आ गया, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। हालांकि समय रहते लोगों ने स्थिति को समझ लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी गई।
धुएं से घबराए निवासी
आग लगने के बाद टावर में रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया। ऊंची इमारत में आग और धुएं के कारण कई परिवार अपने फ्लैटों से बाहर निकल आए। सोसायटी के सुरक्षा कर्मचारियों ने भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की। आग की लपटों से ज्यादा धुएं ने लोगों को परेशान किया, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
दमकल विभाग ने पाया नियंत्रण
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि थोड़ी भी देरी होती तो आग आसपास के फ्लैटों तक फैल सकती थी। समय पर हुई कार्रवाई के कारण बड़ा नुकसान टल गया।
हाईराइज इमारतों में सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद एक बार फिर हाईराइज सोसायटियों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को आग से बचाव के नियमों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। साथ ही सोसायटी प्रबंधन को भी फायर सेफ्टी सिस्टम की नियमित जांच करानी चाहिए।
यह घटना भले ही बिना किसी जनहानि के समाप्त हो गई, लेकिन इसने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। समय पर कार्रवाई और सतर्कता की वजह से इस बार बड़ा नुकसान टल गया।
