Noida Airport: नई दिल्ली/नोएडा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के शुरू होने के साथ ही यात्रियों की सबसे बड़ी चिंता एयरपोर्ट तक पहुंचने की रही है। इसी चुनौती को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन, उत्तर प्रदेश रोडवेज और विभिन्न परिवहन एजेंसियां मिलकर एक व्यापक कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार कर रही हैं। इसका उद्देश्य दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को एयरपोर्ट तक आसान और सुविधाजनक पहुंच उपलब्ध कराना है।
शुरुआती दौर में कैब और बाइक टैक्सी का सहारा
एयरपोर्ट के संचालन के शुरुआती चरण में यात्रियों को मुख्य रूप से कैब, बाइक टैक्सी और निजी वाहनों पर निर्भर रहना होगा। मेट्रो और अन्य बड़े सार्वजनिक परिवहन प्रोजेक्ट अभी पूरी तरह तैयार नहीं हैं। इस स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवाओं और ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं की व्यवस्था की है, जो 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। एयरपोर्ट परिसर में इनके लिए विशेष पिकअप और ड्रॉप पॉइंट भी बनाए गए हैं।
दिल्ली, नोएडा और अन्य शहरों से चलेगी बस सेवा
यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने एयरपोर्ट को विभिन्न शहरों से जोड़ने की योजना तैयार की है। नोएडा सिटी सेंटर से हर घंटे और परी चौक से लगभग हर 30 मिनट में बस सेवा चलाने की तैयारी की गई है। इसके अलावा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, कश्मीरी गेट, गुरुग्राम और देहरादून जैसे प्रमुख शहरों से भी बस सेवाएं शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है।
17 जिलों को जोड़ने की तैयारी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों से जोड़ने का भी बड़ा प्लान तैयार किया गया है। मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, गाजियाबाद और अन्य प्रमुख शहरों से सीधी बस सेवाएं शुरू करने की योजना बनाई गई है। इससे यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट जाने की बजाय सीधे जेवर एयरपोर्ट का विकल्प मिलेगा।
भविष्य में मेट्रो और रैपिड रेल से बढ़ेगी सुविधा
फिलहाल मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है, लेकिन भविष्य में नोएडा एयरपोर्ट को मेट्रो, रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) और अन्य परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले नए आरआरटीएस कॉरिडोर से भी एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा एयरपोर्ट के आसपास सड़क नेटवर्क को भी तेजी से विकसित किया जा रहा है।
यात्रियों के लिए बेहतर अनुभव पर जोर
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को शुरुआत से ही बेहतर यात्रा अनुभव देना प्राथमिकता है। इसी वजह से बस, टैक्सी, शटल और ऐप आधारित सेवाओं का मिश्रित मॉडल तैयार किया जा रहा है। आने वाले समय में जैसे-जैसे मेट्रो और रेल परियोजनाएं पूरी होंगी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे बेहतर कनेक्टेड एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।
