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Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री की चौपाल का असर: कमराखोल गांव में शुरू हुए विकास कार्य

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार अभियान का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल और बैगा बाहुल्य ग्राम कमराखोल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा चौपाल के दौरान की गई घोषणाओं पर जिला प्रशासन ने तेजी से अमल शुरू कर दिया है। गांव में पेयजल, जल संरक्षण और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कई जनहित कार्यों की शुरुआत कर दी गई है।

चौपाल में ग्रामीणों ने रखी थीं प्रमुख मांगें

प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत 4 मई 2026 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्र कमराखोल में आकस्मिक चौपाल लगाई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव में पेयजल संकट, मुक्तिधाम में शेड निर्माण और पुराने तालाब के गहरीकरण जैसी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखी थीं। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही इन मांगों को मंजूरी देने की घोषणा की थी।

अब जिला प्रशासन ने इन घोषणाओं को अमल में लाते हुए संबंधित विभागों को तुरंत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

गांव में शुरू हुआ नलकूप खनन

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए नलकूप खनन कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

तालाब गहरीकरण और जल संरक्षण पर जोर

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लगभग 12 लाख 15 हजार रुपये की लागत से दो विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें पुराने तालाब का गहरीकरण और पचरी निर्माण प्रमुख हैं।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल के अनुसार तालाब गहरीकरण और पचरी निर्माण कार्य पर 8.48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना से ग्रामीणों को लगभग 3249 मानव दिवस का रोजगार मिलेगा, जबकि मजदूरी भुगतान के रूप में करीब 6.34 लाख रुपये वितरित किए जाएंगे।

मुक्तिधाम शेड निर्माण से मिलेगी सुविधा

ग्रामीणों की मांग पर गांव में पक्का मुक्तिधाम शेड भी बनाया जाएगा। इस निर्माण कार्य से लगभग 138 मानव दिवस का रोजगार उत्पन्न होगा। प्रशासन ने सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि ग्रामीणों को जल्द लाभ मिल सके।

बैगा समुदाय को मिलेगा सीधा लाभ

गांव के लगभग 130 विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के लोग इन विकास कार्यों से सीधे लाभान्वित होंगे। तालाब गहरीकरण से जल संरक्षण मजबूत होगा, जबकि रोजगार आधारित कार्यों से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर काम मिलेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले उन्हें पेयजल और सामुदायिक सुविधाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन चौपाल में रखी गई मांगों पर त्वरित कार्रवाई से अब लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ा है।

सुशासन तिहार बना भरोसे का माध्यम

कमराखोल गांव में शुरू हुए ये कार्य इस बात का उदाहरण हैं कि यदि प्रशासन संवेदनशीलता और तत्परता से काम करे, तो दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी विकास की गति तेज हो सकती है। सुशासन तिहार के माध्यम से सरकार और ग्रामीणों के बीच संवाद और विश्वास दोनों मजबूत होते नजर आ रहे हैं।