Chhattisgarh News: रायपुर, 25 जून 2026: छत्तीसगढ़ सरकार के बहुप्रतीक्षित नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में पहली औद्योगिक यूनिट की औपचारिक शुरुआत हो गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करेगी।
सरकार का दावा है कि इस यूनिट से लगभग 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसे छत्तीसगढ़ के टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर के लिए एक अहम शुरुआत माना जा रहा है, क्योंकि इससे नवा रायपुर को कपड़ा उद्योग के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस आधार मिल सकता है।
टेक्सटाइल पार्क में पहला बड़ा निवेश, रोजगार पर फोकस
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ औद्योगिक उत्पादन नहीं बढ़ाती, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करती है। उनके मुताबिक, टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर खासतौर पर युवाओं और महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने की क्षमता रखता है।
देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को अपने ही प्रदेश में रोजगार के बेहतर अवसर मिलें, ताकि उन्हें पलायन न करना पड़े। स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की यह यूनिट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
ओ.पी. चौधरी बोले- छत्तीसगढ़ को बनाएंगे नया टेक्सटाइल हब
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाने की दिशा में सरकार गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर में राज्य के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार दिया जा सकता है और सरकार निवेशकों की जरूरतों के मुताबिक बिजली, पानी, कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा औद्योगिक माहौल तैयार करने पर है, जहां उद्योग लंबे समय तक टिकाऊ तरीके से काम कर सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा हो।
81 एकड़ में बन रहा आधुनिक टेक्सटाइल पार्क
नवा रायपुर में टेक्सटाइल पार्क को 81 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि यहां 2758 वर्गमीटर से लेकर 38,180 वर्गमीटर तक के भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र और उनसे जुड़े सहायक उद्योग यहां स्थापित हो सकें।
इस पार्क को आधुनिक औद्योगिक ढांचे के साथ विकसित किया जा रहा है। विभाग के मुताबिक, यहां पक्की सड़कें, नाली और जल निकासी व्यवस्था, पावर सब-स्टेशन, जल प्रदाय, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र और कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की यूनिट से 4650 रोजगार की उम्मीद
तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड इस पार्क में 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाएगी। कंपनी के बारे में बताया गया है कि यह मुख्य रूप से निट गारमेंट्स और कपड़ों का उत्पादन करेगी, जिसमें बच्चों के कपड़े यानी किड्सवियर पर विशेष फोकस रहेगा।
इसके अलावा कंपनी का लक्ष्य यूरोपीय और अमेरिकी बाजारों के लिए निर्यात उन्मुख उत्पादन करना भी है। इस निवेश से करीब 4650 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है, जो इसे राज्य के सबसे बड़े रोजगार देने वाले टेक्सटाइल निवेशों में शामिल करता है।
तीन कंपनियों को जमीन, 445 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में सिर्फ स्विफ्ट टेक्सटाइल्स ही नहीं, बल्कि पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इन तीनों इकाइयों के जरिए कुल करीब 445 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
सरकार का दावा है कि इन निवेशों से 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। यदि ये सभी परियोजनाएं तय समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो नवा रायपुर मध्य भारत के एक बड़े टेक्सटाइल और रोजगार केंद्र के रूप में उभर सकता है।
औद्योगिक नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया गया है। सरकार ने इस नीति में ऐसे श्रम-प्रधान उद्योगों को प्राथमिकता दी है, जो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर सकें।
नीति के तहत महिला कर्मचारियों के लिए 6 हजार रुपये प्रतिमाह और पुरुष कर्मचारियों के लिए 5 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से पांच साल तक रोजगार सहायता देने का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल और गारमेंट निवेश के लिए अधिक आकर्षक राज्य बन सकता है।
निवेश आकर्षित करने में नीति का असर दिखाने की कोशिश
राज्य सरकार का दावा है कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इनसे विभिन्न क्षेत्रों में 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई जा रही है।
टेक्सटाइल और गारमेंट्स के अलावा डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भी निवेश आने की बात कही गई है। सरकार इसे छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम में बढ़ते निवेशक भरोसे के संकेत के रूप में पेश कर रही है।
नवा रायपुर को औद्योगिक पहचान देने की कोशिश
टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन केवल एक औद्योगिक परियोजना की शुरुआत भर नहीं, बल्कि नवा रायपुर को एक नई औद्योगिक पहचान देने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। राजधानी क्षेत्र को अब केवल प्रशासनिक और आवासीय केंद्र नहीं, बल्कि निवेश और मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में स्थापित करने की रणनीति साफ दिखाई दे रही है।
यदि टेक्सटाइल पार्क में प्रस्तावित इकाइयां तय समय पर उत्पादन शुरू करती हैं और रोजगार के दावे जमीन पर उतरते हैं, तो यह नवा रायपुर की आर्थिक भूमिका को काफी मजबूत कर सकता है। खासकर युवाओं और महिलाओं के लिए स्थानीय रोजगार अवसर बढ़ाने के लिहाज से यह परियोजना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
अब नजर क्रियान्वयन और रोजगार पर
सरकार ने टेक्सटाइल पार्क को आधुनिक बुनियादी ढांचे, निवेश-अनुकूल नीति और रोजगार सृजन के बड़े वादों के साथ पेश किया है। लेकिन इसकी असली सफलता इस बात से तय होगी कि निवेशित कंपनियां कितनी तेजी से उत्पादन शुरू करती हैं और रोजगार के वादे कितनी हद तक पूरे होते हैं।
फिलहाल इतना साफ है कि नवा रायपुर टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट के भूमिपूजन के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर को अपनी औद्योगिक रणनीति के केंद्र में रखने का स्पष्ट संकेत दे दिया है। आने वाले समय में यह परियोजना राज्य के रोजगार और औद्योगिक विकास मॉडल की अहम परीक्षा बन सकती है।
