Chhattisgarh News : रायपुर, 25 जून 2026: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त निर्देशों के बाद जिला प्रशासन और खनिज विभाग अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन के मामलों पर लगातार नजर रख रहे हैं। इसी कड़ी में बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत गुडलू में अवैध रेत भंडारण का मामला पकड़कर बड़ी कार्रवाई की गई है।
जांच के दौरान खनिज विभाग की टीम ने गुडलू में 135 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण पाया। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मौके पर पहुंचकर रेत को जब्त किया और संबंधित मामले में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तेज हुई कार्रवाई
जशपुर प्रशासन ने इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन, जवाबदेही और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े निर्देशों के तहत की गई पहल बताया है। प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध खनिज गतिविधियों के खिलाफ लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
रेत, पत्थर और अन्य खनिजों के अवैध दोहन को लेकर राज्य सरकार पहले भी सख्त रुख दिखा चुकी है। अब जिला स्तर पर यह संदेश दिया जा रहा है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट और राजस्व हानि किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुडलू में 135 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण मिला
प्रशासन के मुताबिक, बगीचा विकासखंड के ग्राम पंचायत गुडलू में 19 जून 2026 को 135 घनमीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया। शिकायत मिलते ही खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
जांच में अवैध भंडारण की पुष्टि होने के बाद तत्काल रेत को जब्त कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिले में ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर सख्त कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
अवैध भंडारण पर 40 हजार से ज्यादा का अर्थदंड
इस मामले में अवैध रेत भंडारण के लिए 40 हजार 780 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर केवल जब्ती तक सीमित कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि आर्थिक दंड और कानूनी प्रक्रिया भी साथ-साथ चलेगी।
अधिकारियों का मानना है कि जुर्माना और कानूनी कार्रवाई दोनों साथ होने से अवैध कारोबारियों को स्पष्ट संदेश जाएगा कि रेत के अवैध भंडारण और तस्करी को अब आसानी से नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
परिवहन के चार मामलों में भी वसूले गए 42 हजार रुपये
अवैध रेत परिवहन के चार अलग-अलग मामलों में भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। इन मामलों में कुल 42 हजार 736 रुपये की राशि खनिज मद में जमा कराई गई है।
इस तरह अवैध भंडारण और परिवहन के मामलों को मिलाकर कुल 83 हजार रुपये से अधिक की राशि अर्थदंड और राजस्व के रूप में वसूली गई। प्रशासन इसे अवैध खनिज कारोबार के खिलाफ कड़ी वित्तीय कार्रवाई के रूप में देख रहा है।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
सहायक खनि अधिकारी ने कहा कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह को बख्शा नहीं जाएगा और नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि उसका मकसद केवल कार्रवाई दिखाना नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना और शासन को होने वाली राजस्व हानि को रोकना है। इसलिए आने वाले समय में निगरानी और छापामार कार्रवाई दोनों और तेज हो सकती हैं।
प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व बचाने पर फोकस
रेत के अवैध कारोबार पर कार्रवाई को सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि संसाधनों के संरक्षण और सरकारी राजस्व से जुड़ा मुद्दा भी माना जा रहा है। अवैध उत्खनन और तस्करी से जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, वहीं सरकार को राजस्व हानि भी होती है।
इसी वजह से प्रशासन अब इस तरह के मामलों में त्वरित जांच, जब्ती, दंड और वसूली—चारों स्तर पर एक साथ कार्रवाई कर रहा है। इससे यह संकेत देने की कोशिश है कि खनिज संसाधनों के दोहन पर अब ज्यादा कड़ी नजर रखी जाएगी।
नागरिकों से भी मांगी गई सूचना
जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन या भंडारण की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ऐसे मामलों पर अधिक प्रभावी नियंत्रण संभव है।
सरकार और प्रशासन दोनों यह संदेश देना चाहते हैं कि अवैध रेत कारोबार केवल एक विभागीय मामला नहीं, बल्कि स्थानीय पर्यावरण, सार्वजनिक हित और सरकारी संसाधनों से जुड़ा मुद्दा है। इसलिए इसमें जनभागीदारी भी अहम मानी जा रही है।
जशपुर में रेत माफिया पर दबाव बढ़ाने की कोशिश
गुडलू में 135 घनमीटर रेत की जब्ती और 83 हजार रुपये से ज्यादा की वसूली को जशपुर में अवैध रेत कारोबार पर दबाव बढ़ाने की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन अब यह दिखाना चाहता है कि शिकायत मिलते ही जांच और कार्रवाई दोनों तेज होंगी।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या इस तरह की कार्रवाइयों से जिले में अवैध रेत भंडारण और परिवहन पर वास्तविक रोक लगती है या नहीं। फिलहाल इतना साफ है कि जशपुर प्रशासन ने इस मामले में सख्त संदेश देने की कोशिश की है।
