Chhattisgarh News: प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के बेहतर क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की सक्रियता और योजनाओं को तेजी से लागू करने की क्षमता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री साय ने दी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि इस योजना के जरिए गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने इसे राज्य के निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया।
शिकायतों का तेजी से हुआ निराकरण
इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण शिकायतों का तेज समाधान रहा। राज्य सरकार ने लाभार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल किया, जिससे योजना का लाभ समय पर महिलाओं तक पहुंच सका।
रजिस्ट्रेशन और मंजूरी पर खास फोकस
योजना के तहत अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने के लिए पंजीयन प्रक्रिया को तेज किया गया। वर्ष 2024-25 में 2 लाख से अधिक महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया, जबकि 2025-26 में भी लक्ष्य का 93 प्रतिशत हासिल कर लिया गया।
आंगनबाड़ी से लेकर अधिकारियों तक का योगदान
इस उपलब्धि में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर राज्य स्तर के अधिकारियों तक सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी ने मिलकर सेवा, समर्पण और मेहनत से इस योजना को सफल बनाया।
अन्य राज्यों को छोड़ा पीछे
छत्तीसगढ़ ने इस योजना के क्रियान्वयन में राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया। यह राज्य के बेहतर प्रशासन और कार्यशैली को दर्शाता है।
गर्भवती महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता
इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को 5 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं दूसरी बेटी के जन्म पर 6 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता मिलती है, जिससे उन्हें पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
तीन चरणों में मिलती है राशि
योजना के तहत महिलाओं को तीन किस्तों में पैसा दिया जाता है—रजिस्ट्रेशन के समय 1,000 रुपये, गर्भावस्था के दौरान 2,000 रुपये और बच्चे के जन्म व टीकाकरण के बाद 2,000 रुपये। इससे मातृत्व के दौरान आर्थिक सहयोग मिलता है।
स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं देना है। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और शिशु मृत्यु दर को कम करना भी इसका लक्ष्य है।
