Greater Noida

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में बाइक समेत गहरे गड्ढे में गिरे मैनेजर, इंजीनियर युवराज की तरह दर्दनाक घटना

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR
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Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में अधूरी सड़क और सुरक्षा इंतजामों की कमी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। दनकौर क्षेत्र में सड़क निर्माण के दौरान बने गहरे गड्ढे में बाइक गिरने से एक अस्पताल मैनेजर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

देर रात हादसे का शिकार हुए अतुल जोशी

जानकारी के अनुसार फरीदाबाद के एनआईटी-1 निवासी 45 वर्षीय अतुल कुमार जोशी रविवार देर रात बाइक से ग्रेटर नोएडा की ओर जा रहे थे। वह एक आई केयर अस्पताल में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।

बताया जा रहा है कि मंझावली पुल पार करने के बाद सड़क निर्माण कार्य अधूरा था। अंधेरे और चेतावनी संकेतों की कमी के कारण उन्हें सड़क समाप्त होने का अंदाजा नहीं लग पाया और उनकी बाइक सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरी।

पूरी रात घायल अवस्था में पड़े रहे

हादसे के बाद अतुल गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह पूरी रात घटनास्थल पर ही पड़े रहे। सोमवार सुबह राहगीरों की नजर उन पर पड़ी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

दनकौर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बाहर निकालकर ग्रेटर नोएडा के जिम्स अस्पताल पहुंचाया।

हेलमेट के शीशे से लगी गंभीर चोट

पुलिस के अनुसार दुर्घटना के दौरान हेलमेट के शीशे से अतुल की नाक पर गंभीर चोट लगी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। खबर लिखे जाने तक परिवार की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा था, वहां पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर जैसी सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। यदि उचित संकेत लगाए गए होते तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

यह घटना निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।

युवराज मेहता हादसे के बाद भी नहीं बदले हालात

गौरतलब है कि इसी वर्ष जनवरी में इंजीनियर युवराज मेहता की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री ने दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने, सड़क सुरक्षा बढ़ाने और खुले गड्ढों, जलभराव तथा अंधेरे मार्गों जैसी समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए थे।

बार-बार हो रहे हादसों से बढ़ी चिंता

ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में अधूरी सड़कों, खुले गड्ढों और निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण होने वाले हादसे लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। स्थानीय निवासी लंबे समय से सुरक्षित बैरिकेडिंग, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और स्पष्ट चेतावनी संकेत लगाने की मांग कर रहे हैं।

जवाबदेही तय करने की जरूरत

अतुल कुमार जोशी की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि निर्माणाधीन सड़कों पर सुरक्षा मानकों का पालन कौन सुनिश्चित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर उनकी सख्ती से निगरानी और पालन भी जरूरी है।