Hindon Airport: गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मशहूर गुड़ और उससे बने उत्पाद यात्रियों को उपलब्ध होंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की “वन एयरपोर्ट वन प्रोडक्ट” (OAOP) योजना के तहत एयरपोर्ट पर विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां स्थानीय स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे।
इस पहल से पश्चिमी यूपी के पारंपरिक गुड़ उद्योग को नया बाजार मिलने के साथ-साथ हजारों ग्रामीण परिवारों को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है।
यात्रियों को मिलेंगे गुड़ से बने कई खास उत्पाद
एयरपोर्ट पर लगाए जाने वाले स्टॉल में सामान्य गुड़ के अलावा कई वैल्यू एडेड उत्पाद भी उपलब्ध होंगे। इनमें गुड़ की शक्कर, गुड़ के क्यूब्स, मसालेदार गुड़ और गुड़ से बनी पारंपरिक मिठाइयां शामिल हैं।
इससे यात्रियों को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के स्थानीय स्वाद और पारंपरिक उत्पादों का अनुभव मिलेगा।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा बड़ा अवसर
योजना के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों को एयरपोर्ट परिसर में स्टॉल लगाने का मौका दिया जाएगा। खास बात यह है कि जहां सामान्य व्यावसायिक स्टॉल का किराया लाखों रुपये प्रतिमाह होता है, वहीं स्वयं सहायता समूहों को करीब चार हजार रुपये मासिक किराये पर स्टॉल उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।
पश्चिमी यूपी के गुड़ कारोबार को मिलेगी नई पहचान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश की प्रमुख गन्ना बेल्ट माना जाता है। मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर गन्ने और गुड़ का उत्पादन होता है।
अब एयरपोर्ट जैसे बड़े मंच पर इन उत्पादों की मौजूदगी से स्थानीय कारोबारियों और किसानों को नए बाजार मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

क्या है वन एयरपोर्ट वन प्रोडक्ट योजना?
नागरिक उड्डयन मंत्रालय की यह पहल देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा और क्षेत्रीय विशेषताओं को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।
योजना का उद्देश्य प्रत्येक एयरपोर्ट को उसके क्षेत्र की किसी विशिष्ट पहचान से जोड़ना है, ताकि यात्रियों को स्थानीय संस्कृति और उत्पादों से परिचित कराया जा सके।
वोकल फॉर लोकल को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल केंद्र सरकार के “वोकल फॉर लोकल” अभियान को भी मजबूती देगी। एयरपोर्ट पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री से छोटे उद्यमियों, कारीगरों और महिला समूहों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही क्षेत्रीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी मदद मिलेगी।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को होगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से केवल गुड़ उद्योग ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े किसानों, छोटे कारोबारियों और महिला समूहों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। गुड़ आधारित उत्पादों की बढ़ती मांग से मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
हिंडन एयरपोर्ट पर गुड़ उत्पादों के लिए स्टॉल शुरू होना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषि और खाद्य उद्योग के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की पारंपरिक पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।
