Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विभागों के लिए 10 हजार 617 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित कर दी गई हैं। यह बजट राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार का संकल्प: विकास और जनसेवा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा में जुटी है। उन्होंने बताया कि बजट की थीम इस बार ‘संकल्प’ रखी गई है, जो विकास की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
सिंचाई परियोजनाओं को मिली गति
सरकार ने पिछले दो वर्षों में 11,107 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इससे 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित हुई है और आने वाले समय में यह आंकड़ा और बढ़ेगा।
नक्सल क्षेत्रों में भी पहुंचा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भी विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं। नियद नेल्ला नार योजना के तहत 158 गांवों को पूरी तरह से विद्युतीकृत किया जा चुका है, जिससे वहां के लोगों के जीवन में सुधार आया है।
पारदर्शिता और डिजिटल गवर्नेंस पर जोर
सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दिया है। इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता आई है और जनता का पैसा सीधे उनके हित में खर्च हो रहा है।
खनिज और राजस्व में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि खनिज राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है। यह राज्य की आर्थिक मजबूती का संकेत है और इस अतिरिक्त आय का उपयोग जनकल्याण योजनाओं में किया जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
छत्तीसगढ़ ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए पावर प्रोजेक्ट्स और निवेश प्रस्तावों के जरिए राज्य ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है।
आम जनता को मिल रही राहत
सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों को मुफ्त बिजली, किसानों को सब्सिडी और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इससे आम लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार
मुख्यमंत्री ने बताया कि ई-ऑफिस, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल सिस्टम के जरिए प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आई है। इससे सरकारी कामकाज अधिक प्रभावी हुआ है।
आईटी और एआई पर विशेष फोकस
राज्य सरकार ने आईटी और एआई सेक्टर के विकास के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया है। इससे युवाओं को नई तकनीकों से जुड़ने और रोजगार के अवसर मिलेंगे। कुल मिलाकर, 10,617 करोड़ रुपये की अनुदान मांगों के पारित होने से छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा मिलेगी। यह बजट राज्य को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
