Bihar News: बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के रूट (संरेखण) में बदलाव संबंधी खबरों को पूरी तरह भ्रामक और निराधार बताया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समस्तीपुर जिले में एक्सप्रेसवे के संरेखण में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया गया है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया मूल रूप से स्वीकृत मार्ग के अनुसार ही जारी है।
मीडिया रिपोर्टों पर विभाग की सफाई
पथ निर्माण विभाग ने कुछ मीडिया और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा कि किलोमीटर 48+000 से 53+000 के बीच एक्सप्रेसवे के मार्ग में किसी प्रकार का संशोधन या विचलन नहीं हुआ है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि वर्तमान भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया उसी मार्ग के अनुसार चल रही है जिसे पहले स्वीकृति मिली थी।
विशेषज्ञ समिति ने तय किया था रूट
सचिव ने बताया कि पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का संरेखण सामाजिक-आर्थिक पहलुओं, तकनीकी व्यवहार्यता और भारतीय सड़क कांग्रेस के दिशा-निर्देशों के आधार पर तय किया गया है। इस मार्ग को एक उच्चस्तरीय संरेखण समिति ने मंजूरी दी थी, जिसमें सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, एनएचएआई और अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
जनवरी 2025 में मिली थी अंतिम मंजूरी
विभाग के अनुसार एक्सप्रेसवे के स्वीकृत संरेखण को 15 जनवरी 2025 को अंतिम मंजूरी दी गई थी। इसके बाद उसी आधार पर संबंधित गांवों और भूखंडों के लिए वैधानिक अधिसूचनाएं जारी की गईं। अधिकारियों का कहना है कि हाल ही में जारी 3A अधिसूचना भी इसी मूल स्वीकृत मार्ग पर आधारित है।
केएसआर कॉलेज भवन पूरी तरह सुरक्षित
विभाग ने उन दावों का भी खंडन किया जिनमें कहा गया था कि एक्सप्रेसवे निर्माण से केएसआर कॉलेज को नुकसान पहुंचेगा। सचिव ने स्पष्ट किया कि कॉलेज का मुख्य भवन पूरी तरह सुरक्षित है। केवल कॉलेज की कुछ खाली भूमि अधिग्रहण के दायरे में आ रही है और शैक्षणिक गतिविधियों पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
वैकल्पिक मार्ग से बढ़ता विस्थापन
विभाग ने दावा किया कि वर्तमान संरेखण को चुनते समय लोगों के विस्थापन को न्यूनतम रखने का विशेष ध्यान रखा गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार मौजूदा मार्ग से केवल 65 आवासीय और व्यावसायिक ढांचे प्रभावित हो रहे हैं। जबकि कथित वैकल्पिक मार्ग अपनाने पर 200 से अधिक निर्मित संरचनाएं प्रभावित होतीं और बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन होता।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के तहत समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। सचिव पंकज कुमार पाल ने जनता और हितधारकों से अपील की कि वे भ्रामक खबरों और अफवाहों पर विश्वास न करें तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
बिहार की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक है। इसके निर्माण से राजधानी पटना और सीमांचल क्षेत्र के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि परियोजना का उद्देश्य बेहतर कनेक्टिविटी के साथ क्षेत्रीय विकास को गति देना है।
