Greater Noida

Greater Noida: नोएडा ग्रेटर नोएडा वालों को जाम से मुक्ति दिलाने वाली अच्छी खबर, जरूर पढ़ें

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट दिल्ली NCR
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Greater Noida: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए एक नई एलिवेटेड एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम शुरू हो गया है। प्रस्तावित 31 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड एक्सप्रेसवे सेक्टर-94 से ग्रेटर नोएडा के चाई-4 क्षेत्र तक बनाया जाएगा। यह परियोजना नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर विकसित की जाएगी, जिससे लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

नोएडा प्राधिकरण में हुई उच्चस्तरीय बैठक

परियोजना के एलाइनमेंट और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा के लिए सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड रूम में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने की। इसमें यमुना प्राधिकरण, एनएचएआई, नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

तीन प्रमुख रोटरी से होगा ट्रैफिक प्रबंधन

प्रस्तावित एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर तीन प्रमुख रोटरी (राउंडअबाउट) विकसित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य विभिन्न मार्गों से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।

अधिकारियों का मानना है कि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और वाहनों की गति भी बेहतर बनी रहेगी।

डीपीआर तैयार करने का काम शुरू

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। एनएचएआई के सलाहकारों ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट सौंपने से पहले पूरे प्रस्तावित मार्ग का विस्तृत सर्वे किया जाएगा।

सर्वे के आधार पर भूमि, तकनीकी चुनौतियों और यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंतिम डिजाइन तैयार की जाएगी।

कालिंदी कुंज से यमुना एक्सप्रेसवे तक बेहतर कनेक्टिविटी

प्रस्तावित मार्ग डीएनडी और कालिंदी कुंज क्षेत्र से शुरू होकर हिंडन-यमुना दोआब क्षेत्र के रास्ते यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचेगा।

यह एलिवेटेड रोड यमुना मार्जिनल बांध रोड के समानांतर बनाई जाने की योजना है, जिससे दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

भूमि उपलब्धता और तकनीकी चुनौतियों पर मंथन

बैठक में भूमि उपलब्धता, एलाइनमेंट और अन्य तकनीकी बाधाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावित मार्ग नोएडा पुश्ता क्षेत्र के आसपास से गुजर सकता है, इसलिए जमीन से जुड़े मुद्दों का समाधान परियोजना की प्राथमिकता में शामिल है।

अधिकारियों ने कहा कि सभी विभागों के समन्वय से परियोजना को जल्द अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा।

बढ़ते ट्रैफिक का समाधान बनेगी परियोजना

वर्तमान में दिल्ली, कालिंदी कुंज और नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाने के लिए मुख्य रूप से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे का ही उपयोग किया जाता है। तेजी से बढ़ती आबादी, नए आवासीय सेक्टर और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

ऐसे में नया एलिवेटेड एक्सप्रेसवे भविष्य की यातायात जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार

31 किलोमीटर लंबी यह परियोजना केवल ट्रैफिक कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र के विकास को भी नई गति दे सकती है। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रा समय कम होगा, कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।