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CBSE: 10th में अगर पेपर अच्छे नहीं हुए तो CBSE ने किया सेकंड बोर्ड एग्जाम की तारीखों का ऐलान

एजुकेशन
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CBSE: सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम के बाद उन छात्रों के लिए राहत भरी योजना जारी की है, जो किसी विषय में कम अंक पाए हैं या फेल हो गए हैं। इस योजना के तहत मई 2026 में रि‑एग्ज़ाम आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को दूसरा मौका देना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाना है।

कौन दे सकता है रि‑एग्ज़ाम?

इस परीक्षा में वे छात्र शामिल हो सकते हैं जिन्होंने तीनों विषयों में से किसी भी एक या अधिक विषयों में अंक सुधारना चाहते हैं। साथ ही, जो छात्र पहली परीक्षा में फेल हो गए हैं, उन्हें भी इस परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह नियम छात्रों को पिछली गलती सुधारने और अपने कुल अंकों को बेहतर बनाने का मौका देता है।

रि‑एग्ज़ाम की तैयारी और फॉर्म प्रक्रिया

सीबीएसई ने रि‑एग्ज़ाम के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। छात्रों को यह ध्यान रखना होगा कि फॉर्म समय पर भरा जाए। देर से फॉर्म भरने पर लेट फीस लागू होगी। प्रति विषय रि‑एग्ज़ाम की फीस ₹320 तय की गई है। छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर समय‑समय पर तिथियाँ और निर्देश चेक करें।

क्यों है यह रि‑एग्ज़ाम जरूरी?

यह रि‑एग्ज़ाम छात्रों को यह अवसर देता है कि वे एक बार खराब प्रदर्शन के कारण अपना साल खराब न करें। इससे छात्रों को तैयारी करने और अंक सुधारने का पर्याप्त समय मिलता है। इसके अलावा, यह उन्हें नई शुरुआत का मौका देता है ताकि वे बेहतर अंकों के साथ आगे की पढ़ाई कर सकें।

छात्रों और माता‑पिता के लिए सुझाव

छात्रों को चाहिए कि वे इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयारी पर ध्यान दें और कमजोर विषयों पर ज्यादा समय दें। माता‑पिता को चाहिए कि वे बच्चों को समय पर फॉर्म भरने, फीस जमा करने और तैयारी में मार्गदर्शन करने में मदद करें। इस तरह, रि‑एग्ज़ाम से छात्रों को वास्तविक फायदा मिलेगा।