Punjab News: होशियारपुर से आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर आए एक कथित संदिग्ध फोन कॉल को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस पूरे मामले को बेहद संदिग्ध बताते हुए इसकी विस्तृत जांच की मांग की है। डॉ. चब्बेवाल का कहना है कि इस तरह की घटनाएं राजनीतिक दबाव और डराने की कोशिशों का हिस्सा हो सकती हैं।
जन्मदिन पर आया संदिग्ध कॉल
डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने एक बयान जारी कर बताया कि 7 मई को उनका जन्मदिन था और उन्हें लगातार शुभकामना संदेश और फोन कॉल आ रहे थे। इसी दौरान सुबह करीब 8:45 बजे उन्हें एक अजीब नंबर से फोन कॉल प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने पहले उनकी पहचान की पुष्टि की और फिर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उनसे बात करना चाहते हैं। इसके बाद कुछ देर में दूसरी आवाज़ आई जिसने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
‘आवाज़ असली नहीं लगी’
डॉ. चब्बेवाल के मुताबिक बातचीत सामान्य लग रही थी, लेकिन कॉल के दौरान कई बातें उन्हें संदिग्ध लगीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय से आमतौर पर सरकारी लैंडलाइन नंबरों से संपर्क किया जाता है, जबकि यह कॉल एक अनजान और संदिग्ध नंबर से आया था।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री होने का दावा करने वाली आवाज़ भी उन्हें वास्तविक नहीं लगी। उनके अनुसार शुरू से ही कॉल में कुछ असामान्य और संदेहजनक महसूस हो रहा था।
एसएसपी होशियारपुर से जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए आप सांसद ने एसएसपी होशियारपुर से संपर्क कर कॉल की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कॉल के स्रोत, उद्देश्य और इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान की जानी चाहिए।
डॉ. चब्बेवाल ने कहा कि यदि किसी राजनीतिक उद्देश्य से संवैधानिक पदों या वरिष्ठ नेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
‘आप नेता दबाव की राजनीति से नहीं डरेंगे’
उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं विपक्षी नेताओं के खिलाफ अपनाई जा रही “पिछले दरवाजे की राजनीति” और दबाव बनाने की कोशिशों को उजागर करती हैं।
डॉ. चब्बेवाल ने स्पष्ट कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता ऐसे संदिग्ध तरीकों से न तो डरेंगे और न ही किसी राजनीतिक जाल में फंसेंगे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां इस कॉल की सच्चाई तक कब और कैसे पहुंचती हैं।
