Yamuna Expressway

Yamuna Expressway: यमुना एक्सप्रेसवे से सफ़र करने वाले ये ख़बर जरूर पढ़ें

GREATER NOIDA
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Yamuna Expressway: यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य हाईवे पर अब तेज गति से वाहन चलाने पर मिलने वाले ओवरस्पीडिंग चालान सीधे फास्टैग से काटे जाएंगे। इसका उद्देश्य एक्सप्रेसवे पर बढ़ती तेज रफ्तार और दुर्घटनाओं को कम करना है। इस नए नियम के तहत अब टोल टैक्स के साथ ही चालान की भुगतान प्रक्रिया भी फास्टैग से आसान और तुरंत हो जाएगी।

क्या बदलाव किए गए हैं?

  • फास्टैग से चालान कटेंगे:
    अब अगर कोई वाहन चालक एक्सप्रेसवे पर तय गति सीमा से ऊपर गाड़ी चलाता है, तो उसका चालान फास्टैग खाते से सीधे काटा जाएगा। यानी बिना रुकावट के ही चालान का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
  • टोल के बिना आगे नहीं जा सकेगा वाहन:
    यह प्रस्ताव है कि बिना चालान का भुगतान किए कोई भी वाहन अगला टोल पार न कर सके — इससे नियमों का पालन और सख्ती से लागू होगा।

कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी

अभी यमुना एक्सप्रेसवे पर 15 वीआरडीएस कैमरे लगे हैं, लेकिन यह तीनों लेन को पूरी तरह कवर नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए इन कैमरों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे गति सीमा नियंत्रण और दुर्घटना जोखिम को कम किया जा सके।

सड़क सुरक्षा के लिए और कदम

बिना चालान तकनीक के सिर्फ नियम बदलना ही काफी नहीं माना गया और आगे ये भी प्रस्ताव हैं:

  • ट्रामा सेंटर की स्थापना: एक्सप्रेसवे पर गंभीर दुर्घटनाओं के इलाज के लिए ट्रामा सेंटर बनाए जाएंगे।
  • आपातकालीन सेवाओं के लिए कट (सुरक्षित स्थान): बल्देव के पास आपातकालीन सेवाओं के लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
  • सीसीटीवी और गश्ती वाहनों की व्यवस्था: एक्सप्रेसवे पर सीसीटीवी कैमरों के साथ गश्ती और आपात वाहन की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी।

Yamuna Expressway: क्यों जरूरी है ये बदलाव?

यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज गति से गाड़ी चलाने की वजह से दुर्घटनाएँ आम चिंता का विषय रही हैं। कई बार वाहन चालक गति सीमा से ऊपर चलाते हैं और इससे जानलेवा दुर्घटनाएँ हो जाती हैं। ऐसे में कैमरों और फास्टैग से सीधे चालान कटने जैसे कदम से ड्राइवरों में सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूकता आएगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

रफ्तार उल्लंघन की समस्या के उदाहरण

पिछले समय में यमुना एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट का उल्लंघन 61% तक बढ़ गया था और रोजाना हजारों वाहन चालक नियम तोड़ते पाए गए थे, जिससे ट्रैफिक जोखिम और दुर्घटना संभावना बढ़ी थी।