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Chhattisgarh News: सीएम हेमंत सोरेन ने रांची पुलिस की सराहना की, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित

छत्तीसगढ़ राजनीति
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Chhattisgarh News: झारखंड के रांची शहर के धुर्वा इलाके से 2 जनवरी को लापता हुए दो छोटे बच्चों अंश और अंशिका को 12 दिनों बाद सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। दोनों बच्चों के घर वापस लौटने की खबर जैसे ही इलाके में पहुंची, आसपास के लोगों ने खुशी में उत्सव मनाया। लोग अबीर-गुलाल खेलते और आतिशबाजी करते नजर आए।

कैसे शुरू हुई थी खोज

अंश और अंशिका घर से थोड़ी दूर बिस्किट लेने गए थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनके अचानक गायब होने के कारण पूरे रांची में चिंता फैल गई और परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद 40 सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई और तलाश शुरू हुई।

पुलिस की कोशिश और संयुक्त कार्रवाई

पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके में छापेमारी कर बच्चों को सुरक्षित पाया। दोनों बच्चों को मुक्त कराने के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। इस कार्रवाई में झारखंड पुलिस के साथ रांची पुलिस की संयुक्त भूमिका को सराहा गया है।

Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताई खुशी

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बच्चों की सुरक्षित बरामदगी पर पुलिस को बधाई दी और कहा कि ऐसी सफलता हर व्यक्ति के लिए खुशी का क्षण है। उन्होंने कहा कि “एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है।” उन्होंने पुलिस टीम की मेहनत की प्रशंसा की और यह आश्वासन दिया कि पुलिस क्राइम नेटवर्क का भंडाफोड़ जारी रखेगी।

जनता और सामाजिक संगठन की भूमिका

इस खोज अभियान में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। कुछ युवकों ने संदिग्ध जोड़े को पहचान लिया और पुलिस को जानकारी दी, जिससे बचाव में मदद मिली।

घटना ने क्यों बनाया ध्यान का केंद्र

अंश और अंशिका का लापता होना पूरे शहर के लिए चिंता और तनाव का कारण बन गया था। सोशल मीडिया पर लोगों ने खोज में सहयोग किया, सूचना साझा की और पुलिस से त्वरित कार्रवाई की मांग की। इसी दबाव में पुलिस ने लगातार कार्य किया और सफलतापूर्वक बच्चों को सुरक्षित घर वापस लौटाया।

अभियान के नाम से जाना गया: ‘ऑपरेशन मासूम’

इस बड़े बचाव अभियान को ‘ऑपरेशन मासूम’ कहा गया, जिसके तहत पुलिस ने लगातार 12 दिनों तक तलाश जारी रखी। आखिरकार रामगढ़ में छापेमारी के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित जाने का रास्ता मिला और उन्हें उनके परिवार से मिला दिया गया।

पुलिस और प्रशासन की सराहना

अंश-अंशिका की सुरक्षित वापसी के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्यकुशलता को लेकर लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री समेत विपक्षी दलों के नेता भी इस सफलता पर प्रशंसा कर रहे हैं, और परिवार तथा पुलिस को शुभकामनाएँ दे रहे हैं।

क्या आगे की जांच जारी है

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गिरोह बच्चों का अपहरण क्यों और कैसे कर रहा था। शुरुआती पूछताछ से संकेत मिलता है कि यह मामला इंटर-स्टेट मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिस पर और गहराई से जांच की जा रही है।