Uttarakhand News: देहरादून, 19 जुलाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) आधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी में ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ पुस्तकों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा में नवाचार, तकनीक के उपयोग और समावेशी शिक्षण व्यवस्था को समय की आवश्यकता बताते हुए विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
समावेशी शिक्षा को बताया नई शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार के अनुसार, राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में कई पहलें की गई हैं।
शिक्षा में तकनीक और नवाचार को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, नवाचार और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने शिक्षकों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं से नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।
विशेष आवश्यकता वाले बच्चों पर रहेगा विशेष फोकस
संगोष्ठी के दौरान समावेशी शिक्षा मॉडल, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अनुकूल शिक्षण वातावरण, शिक्षक प्रशिक्षण और समान अवसर सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। सरकार का कहना है कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था में समावेशिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
