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Uttarakhand: CM धामी की बड़ी पहल, उत्तराखंड की खेती को मिलेगा ग्लोबल मंच, किसानों को होगा फायदा

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Uttarakhand: उत्तराखंड की खेती को नया आयाम देने में जुटे CM धामी

Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार एक्शन मोड़ में हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) राज्य के विकास के साथ-साथ समय-समय पर विभागों की समीक्षा बैठक (Review Meeting) करते रहते हैं। इस बैठकों में सीएम विकास कार्यों का जायजा लेते हैं और आवश्यक दिशा निर्देश देते हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय (Secretariat) में कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग (Department of Cooperation) की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में कृषकों की आय बढ़ाने के लिए ज्ञान-विज्ञान के साथ परंपरागत खेती को बढ़ावा दिया जाए। जिन क्षेत्रों में किसान बेहतर काम कर रहे हैं, उन्हें उसी क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए उत्साहित किया जाए।

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सीएम धामी (CM Dhami) ने आगे कहा कि विभागों द्वारा जो भी कार्य किए जा रहे हैं, उनका परिणाम धरातल पर दिखाई देना चाहिए। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभागों द्वारा जिन योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है, उनकी भौतिक स्थिति, वित्तीय प्रगति, आउटकम और आउटपुट के आधार पर कार्य किये जाएं, जिससे बजट का भी सही तरीके से उपयोग हो और लोगों की आजीविका भी बढ़े।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये कि कृषि और उद्यान के क्षेत्र में आर्थिकी बढ़ाने के लिए नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। क्लस्टर आधारित खेती को भी बढ़ावा दिया जाए। मिलेट को उत्तराखंड में तेजी से बढ़ावा दिया जाए। पॉलीहाउस के निर्माण को जल्दी से पूरा किया जाए। एरोमा, एप्पल मिशन, कीवी मिशन के साथ ही उत्तराखण्ड के पारंपरिक उत्पादों और फलों के उत्पादन को बढ़ाने की दिशा में कार्य किये जाएं।

Pic Social Media

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम धामी ने निर्देश दिए सहकारिता के क्षेत्र में लोगों को उचित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाए। किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैल्यूचैन सिस्टम को बेहतर बनाया जाए। प्रदेश में किसान उत्पादक संगठन (FPO) को बढ़ाने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम किए जाएं। आने वाले 5 सालों में उत्तराखंड के ग्राम सभाओं को पैक्स से जोड़ा जाए। सहकारी समितियों को में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाने के साथ ही विपणन के लिए सुदृढ़ व्यवस्थाएं की जाएं।

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सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि किसानों की सुविधा के लिए ई-रूपी की व्यवस्था की जा रही है। यह सुविधा अप्रैल महीने के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। इससे किसानों को त्वरित, सुरक्षित और पारदर्शी भुगतान की सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन आएगा। सगंध फसलों डेमस्क रोज, टिमरू, दालचीनी, लेमनग्रास और मिंट को प्रदेश में तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उच्च मूल्य वाली सगंध फसलों के क्षेत्रफल और उत्पादकता को बढ़ावा दिया जा रहा है। आईटीबीपी और सेना ताजे पदार्थों की बिक्री की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को निश्चित बाजार मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा भी मिलेगा।