Uttarakhand: उत्तराखंड की महिलाएं अपनी पसंद से चुन सकेंगी व्यवसाय, 2 लाख तक की मिलेगी सब्सिडी
Uttarakhand News: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार प्रदेश की महिलाओं के लिए ढेरों काम कर रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) समय समय पर महिलाओं की भलाई के लिए कई सारी योजनाएं चलाकर उनका जीवन खुशहाल बना रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना (Mukhyamantri Ekal Mahila Svarojagar Yojana) के तहत राज्य की निराश्रित महिलाएं अपनी पसंद के आधार पर व्यवसाय का चुनाव कर सकेंगी। 2 लाख की सब्सिडी देने के लिए धामी सरकार (Dhami Government) ने आवेदक महिला के स्व-रोजगार की श्रेणी को लेकर कोई शर्त तय नहीं की है। इसका लाभ सभी जिलों में पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। पात्रता की आयु सीमा कम से कम 21 और ज्यादा से ज्यादा 50 साल निर्धारित की गई है।

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केंद्र पोषित योजनाओं की राज्य नोडल अधिकारी आरती बलोदी के मुताबिक इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें स्व-रोजगार को इच्छुक महिला जिस काम में निपुण हैं, उसके लिए सब्सिडी ले सकती हैं। बस सरकार की तरफ से शर्त इतनी है कि उनके बैंक खाते में सिर्फ 25 हजार रुपये होने चाहिए, भले ही उसके लिए लोन लिया हो। बाकी रकम सब्सिडी के तौर पर सरकार जारी करेगी।
जानिए क्या है आवेदन की शर्ते
आवेदन उत्तराखंड मूल की वही एकल महिला ही कर सकती हैं, जिसके पूरे परिवार की कुल वार्षिक आय 72 हजार रुपये से ज्यादा न हो। समाज कल्याण विभाग की तरफ से चुनी गई परित्यक्ता महिलाएं ही योजना की पात्र होंगी। अगर उनका पंजीकरण विभाग में नहीं है, तो ग्राम प्रधान की तरफ से जारी प्रमाणपत्र मान्य होगा। इसके साथ ही विधायक या सांसद की ओर से जारी प्रमाणपत्र भी स्वीकार किए जाएंगे, जिसके साथ महिला का एक शपथ पत्र संलग्न होगा। प्रत्येक वित्तीय वर्ष में नए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
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प्रक्रिया की समय-सीमा भी होगी सुनिश्चित
नोडल अधिकारी के अनुसार धामी सरकार की इस योजना के लिए इच्छुक और पात्र महिलाएं विज्ञप्ति जारी होने पर अपने जनपद में कार्यरत जिला कार्यक्रम अधिकारी के माध्यम से आवेदन पत्र (Application) प्राप्त कर सकती हैं। प्राप्त आवेदन की जांच एक महीने के अन्दर की जाएगी। जिला स्तरीय समिति की तरफ से अनुमोदित प्रस्तावों को जिला कार्यक्रम अधिकारी की तरफ से अधिकतम 15 दिनों के भीतर निदेशालय को भेजा जाएगा। अंतिम स्वीकृति राज्य स्तरीय समिति की जांच के बाद दी जाएगी।
प्रशांत आर्या, निदेशक, महिला कल्याण ने कहा कि इस योजना को इसी वित्तीय वर्ष में लागू करने की तैयारी है। इसके शासनादेश होने के बाद लगभग दो माह में बजट जारी होने की उम्मीद है। उसके बाद समस्त जनपद में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
