UP News: होली के पावन अवसर पर गोरखपुर में आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन केवल त्योहार की शुभकामनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का व्यापक संदेश भी था।
रामराज्य की अवधारणा और सुरक्षा का भाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि “सबको सुरक्षा का एहसास ही रामराज्य की अवधारणा है।” उनके अनुसार आज उत्तर प्रदेश में न तनाव है, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी। यह बयान सीधे तौर पर राज्य की कानून-व्यवस्था में सुधार के दावे को रेखांकित करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब समाज में भयमुक्त वातावरण होता है, तभी विकास की गति तेज होती है।

नए भारत का विजन
मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिदृश्य का उल्लेख करते हुए कहा कि जब दुनिया के कई हिस्सों में अस्थिरता है, तब भारत मजबूत नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “नए भारत” की अवधारणा को दोहराया और कहा कि हर वर्ग को अवसर देना ही विकास का आधार है।
त्योहार और सामाजिक समरसता
होली को समरसता का पर्व बताते हुए सीएम योगी ने लोगों से शांति, सौहार्द और मर्यादा के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी पर जबरन रंग न डालें और अश्लीलता से दूर रहें। उनका संदेश था कि त्योहार समाज को जोड़ने का माध्यम बनें, तोड़ने का नहीं।

विरासत गलियारा: विकास और व्यापार का नया केंद्र
गोरखपुर में बन रहे विरासत गलियारे को उन्होंने प्रदेश का सबसे सुंदर कॉरिडोर बनाने का संकल्प दोहराया। प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास की बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी को उजड़ने नहीं दिया जाएगा। यह परियोजना केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापार को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक प्रयास है।
अराजकता पर सख्ती का संकेत
भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने संदेश दिया कि अराजकता और माफियागिरी पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। उनका संकेत स्पष्ट था कि कानून से ऊपर कोई नहीं। गोरखपुर की होली शोभायात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संबोधन धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संदेशों का मिश्रण रहा। सुरक्षा, विकास और सामाजिक एकता को केंद्र में रखते हुए उन्होंने “रामराज्य” की उस परिकल्पना को सामने रखा, जिसमें हर नागरिक स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।
