Punjab News: पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम ने एक वर्ष पूरा कर लिया है। इस अवसर पर Aam Aadmi Party पंजाब के महासचिव और मीडिया इंचार्ज Baltej Pannu ने दावा किया कि पंजाब दुनिया में नशों के खिलाफ सबसे योजनाबद्ध और संगठित लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
एक साल का रिपोर्ट कार्ड: रिकॉर्ड कार्रवाई
बलतेज पन्नू ने आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि एक वर्ष में 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 गिरफ्तारियां हुईं। 16.70 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग मनी बरामद की गई।
बरामदगी में 2,276.98 किलोग्राम हेरोइन, 29,299 किलोग्राम पोस्त, 686 किलोग्राम अफीम, 807.96 किलोग्राम गांजा, 36.47 किलोग्राम ‘आइस’, 68 किलोग्राम चरस और 4.46 किलोग्राम कोकीन शामिल हैं। इसके अलावा 50 हजार गोलियां/कैप्सूल और 1,985 इंजेक्शन भी जब्त किए गए। पन्नू ने इसे देश में सबसे बड़ी रिकवरी बताया।
पांच जोन में बंटी रणनीति, गांव-गांव तक नेटवर्क
पन्नू के अनुसार, नशा मुक्ति मोर्चा के तहत पंजाब को पांच जोन—दोआबा, माझा, मालवा ईस्ट, मालवा वेस्ट और मालवा सेंट्रल—में बांटा गया। जिला और हलका स्तर पर संगठनात्मक ढांचा तैयार किया गया।
ग्राम रक्षा समितियां बनाई गईं और किल्ली चहल (मोगा) में बड़ी जनसभा आयोजित की गई। शिकायत दर्ज करने के लिए एक सुरक्षित ऐप उपलब्ध कराया गया, जिसके माध्यम से 48 घंटे के भीतर कार्रवाई अनिवार्य की गई। 2,000 से अधिक शिकायतों पर एफआईआर और गिरफ्तारियां दर्ज की गईं।

रिहैबिलिटेशन मॉडल में बदलाव
पन्नू ने कहा कि नशा छुड़ाओ केंद्रों के ढांचे में भी सुधार किया गया है। अब ये केंद्र साफ-सुथरे और सहयोगात्मक वातावरण में काम कर रहे हैं। यहां प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल, फास्ट फूड और अन्य ट्रेड में स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है। आईटीआई प्रशिक्षकों और निजी कंपनियों की मदद से पुनर्वास के बाद रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
पिछली सरकारों पर आरोप
पन्नू ने 2007-2017 की अकाली-भाजपा सरकार और 2017-2022 की कांग्रेस सरकार पर नशा माफिया को पनपने देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारें सप्लाई चेन तोड़ने और मास्टरमाइंड पर कार्रवाई करने में विफल रहीं।
इसके विपरीत, उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने सप्लाई लाइनें काफी हद तक तोड़ दी हैं और कई तस्कर राज्य छोड़कर भाग गए हैं।
‘उड़ता पंजाब’ से ‘रंगला पंजाब’ का लक्ष्य
पन्नू ने कहा कि यह लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब को ‘उड़ता पंजाब’ की छवि से बाहर निकालकर ‘रंगला पंजाब’ बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह अभियान कमजोर नहीं पड़ेगा और नशा माफिया के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
