UP News: Uttar Pradesh आज देश में इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास का सबसे बड़ा मॉडल बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रदेश ने एक्सप्रेसवे नेटवर्क के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।
जहां वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश में केवल 93 किलोमीटर लंबा नियंत्रित एक्सप्रेसवे नेटवर्क था, वहीं 2026 तक यह बढ़कर 3052 किलोमीटर तक पहुंच गया है। यानी करीब 3182 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स ने बदली तस्वीर
प्रदेश में कई बड़े एक्सप्रेसवे परियोजनाओं ने विकास को नई रफ्तार दी है। इनमें प्रमुख हैं:
- Purvanchal Expressway
- Bundelkhand Expressway
- Agra-Lucknow Expressway
- Ganga Expressway
इन परियोजनाओं ने यात्रा समय को काफी कम कर दिया है। गाजीपुर से दिल्ली तक का सफर, जो पहले 15 से 20 घंटे में पूरा होता था, अब लगभग 10 घंटे में पूरा हो रहा है।
वहीं निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद मेरठ से प्रयागराज तक की यात्रा भी लगभग आधे समय में पूरी हो सकेगी।
एक्सप्रेसवे के साथ औद्योगिक विकास
योगी सरकार ने केवल सड़क निर्माण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक विकास का मजबूत मॉडल भी तैयार किया है।
सरकार “ट्रिपल एस मॉडल” यानी:
- सुरक्षा (Security)
- स्थिरता (Stability)
- गति (Speed)
के आधार पर औद्योगिक पार्क और क्लस्टर विकसित कर रही है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बना रक्षा गलियारे की रीढ़
Bundelkhand Expressway अब रक्षा औद्योगिक गलियारे की मजबूत कड़ी बन चुका है।
Jhansi और Chitrakoot जैसे क्षेत्रों में रक्षा उत्पादन इकाइयों की स्थापना से निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
ODOP उत्पादों को मिला बड़ा फायदा
एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लाभ One District One Product योजना को भी मिला है।
- Kannauj का इत्र
- Kanpur का चमड़ा
- पूर्वांचल के हस्तशिल्प
अब तेज़ परिवहन व्यवस्था के जरिए देश और विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंच रहे हैं।
गांवों तक पहुंचा विकास
योगी सरकार की बड़ी उपलब्धि यह मानी जा रही है कि एक्सप्रेसवे का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा।
ग्रामीण सड़कों और संपर्क मार्गों के जरिए छोटे कस्बों और गांवों को भी जोड़ा गया है। किसान अब कम समय में अपने कृषि और दुग्ध उत्पाद शहरों तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो रही है।
ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर बढ़ता यूपी
उत्तर प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद 2026-27 तक करीब 39.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
इसके अलावा 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के संभावित निवेश प्रस्ताव प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं।
