UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने लखीमपुर खीरी में आयोजित एक कार्यक्रम में थारू समाज के लोगों को बड़ी राहत देते हुए घोषणा की कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने नदियों द्वारा भूमि क्षरण से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भूमि के अधिकार पत्र (पट्टे) वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को उनका हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
817 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों में 817 करोड़ रुपये की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सुविधाओं में सुधार होगा और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
माफिया पर सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जो लोग माफिया बनने की कोशिश करेंगे, उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी अपराधी को गरीबों का हक छीनने या युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत है और सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए काम कर रही है।
दशकों से वंचित लोगों को मिला अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई परिवारों को वर्षों से जमीन का अधिकार नहीं मिला था, जबकि वे उसी जमीन पर खेती और निवास कर रहे थे। अब सरकार ने उन्हें अधिकार पत्र देकर उनकी दशकों की समस्या का समाधान किया है। उन्होंने बताया कि आज 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि और 2350 अन्य परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व अधिकार दिया गया है।
किसानों और गरीबों के साथ खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल की बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद के लिए सरकार तैयार है। प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना और आपदा राहत कोष के माध्यम से सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी नुकसान की स्थिति में किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए।
थारू समाज को आत्मनिर्भर बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार थारू समाज को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनाना चाहती है। इसके लिए हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने बताया कि महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
