Supertech: सुपरनोवा रेजिडेंसी से इस मेंटेनेंस एजेंसी की हुई छुट्टी, पढ़िए पूरी जानकारी
Supertech: सुपरटेक के सुपरनोवा अपार्टमेंट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। आपको बता दें कि एनसीएलएटी कोर्ट (NCLAT Court) ने सुपरनोवा अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (SNAOA) बनाम वाईजीई मेंटेनेंस कंपनी के मामले में ऐतिहासिक निर्णय देते हुए वाईजीई को सात दिनों के अंदर मेंटेनेंस का काम एसएनएओए को सौंपने का आदेश दे दिया है। बता दें कि वाईजीई बिल्डर सुपरटेक (YGE Builder Supertech) की सहयोगी कंपनी है, वह साल 2018 से सुपरनोवा रेजीडेंसी (Supernova Residency) में मेंटेनेंस का काम देख रही थी।
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लेकिन समय के साथ ही वाईजीई की सेवाओं में लापरवाही देखने को मिली और उसने निवासियों के साथ द्वितीय श्रेणी के नागरिकों जैसा व्यवहार किया। हालात इतना खराब हो गया कि एसएनएओए को कोर्ट का रुख करना पड़ा, क्योंकि वाईजीई ने निवासियों की बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को बाधित करना शुरू कर दिया था।
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करोड़ों की देनदानी बाकी
कंपनी द्वारा एएमसी का भुगतान न करने के कारण कई लिफ्ट की स्थिति बहुत ही ज्यादा खतरनाक हो गई थी, जिससे आए दिन लिफ्ट में फ्री फॉल और अनियोजित रुकावटें जैसी समस्या आने लगीं। वाईजीई ने निवासियों से मेंटेनेंस शुल्क (Maintenance Charges) तो वसूला, लेकिन बिजली और पानी के बिलों का भुगतान नहीं किया। इसके कारण टोटल 3 करोड़ से ज्यादा की देनदारी हो गई, जिसमें अकेले पानी का बकाया 42 लाख रुपए था।
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जब एओए ने वाईजीई की देनदारियों की जांच की, तो पता चला कि कंपनी पर कुल 4.5 करोड़ रुपए का बकाया है। सिर्फ यही नहीं, वाईजीई पर निवासियों से वसूले गए मेंटेनेंस शुल्क को गबन करने के भी आरोप लगे। वाईजीई ने सुरक्षा गार्डों के जरिए से सोसायटी के मेन गेट पर नियंत्रण कर लिया और तय करने लगी कि कौन अंदर आ सकता है और कौन नहीं।
कोर्ट ने दिया यह आदेश
इसी से जुड़ी एक घटना में एक महिला को काफी समस्या का सामना करना पड़ा, जब वाईजीई ने उनके फ्रिज और वॉशिंग मशीन को लाने वाले वाहन को अंदर आने से रोक दिया। परिणाम यह हुआ कि, उन्हें अपने भारी सामान को सोसाइटी के गेट से लेकर लिफ्ट तक खुद ही ढोकर ले जाना पड़ा। वाईजीई की मनमानी सिर्फ यहीं नहीं थमी, उन्होंने न तो अपने प्लंबर और इलेक्ट्रिशियन को मरम्मत के लिए भेजा और न ही बाहर से बुलाए गए श्रमिकों को सोसाइटी में आने दिया।
इन अत्याचारों से परेशान हो कर, एओए और सुपरनोवा रेजीडेंसी के निवासियों ने कोर्ट का रुख किया। 17 मार्च को आए कोर्ट के निर्णय में वाईजीई को मेंटेनेंस कार्य (Maintenance Work) तुरंत एसएनएओए को सौंपने का आदेश दिया गया, जिससे पीड़ित निवासियों को बड़ी राहत मिली है। वाईजीई ने इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है और मेंटेनेंस हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है।
