Chhattisgarh News: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के तहत देशभर में योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष आयुष मंत्रालय द्वारा “Yoga for Healthy Ageing” थीम निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
इसी कड़ी में जशपुर जिला भी राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न योग कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएगा।
14 जून को ऑनलाइन योग सत्र से बनेगा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
आयुष विभाग के अनुसार 14 जून 2026 को सुबह 6:15 बजे से 7:35 बजे तक एक विशेष ऑनलाइन योग सत्र आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य एक साथ सबसे अधिक लोगों की सहभागिता के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है।
इस ऐतिहासिक पहल में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है।
ऐसे करें पंजीयन
योग सत्र में शामिल होने के इच्छुक लोग टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीयन करा सकते हैं और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।
21 जून को रणजीता स्टेडियम में होगा मुख्य आयोजन
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को जशपुर के रणजीता स्टेडियम में जिला स्तरीय मुख्य योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आयोजन के दौरान सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
योग संगम पोर्टल पर भी कर सकते हैं पंजीयन
आयुष मंत्रालय ने योग दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के पंजीयन और दस्तावेजीकरण के लिए योग संगम पोर्टल-2026 शुरू किया है।
इस पोर्टल के माध्यम से:
- शासकीय विभाग
- शैक्षणिक संस्थान
- स्थानीय निकाय
- सामाजिक संगठन
अपने योग कार्यक्रमों का पंजीयन कर सकते हैं। कार्यक्रम आयोजित होने के बाद उसकी जानकारी और फोटोग्राफ भी पोर्टल पर अपलोड किए जा सकते हैं।
अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने की अपील
आयुष विभाग ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से योग कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।
विभाग का कहना है कि यह केवल गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास नहीं, बल्कि स्वस्थ भारत और स्वस्थ समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी से योग को जन आंदोलन बनाने और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
