School Fee: गौतमबुद्ध नगर में निजी स्कूलों द्वारा मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शुल्क नियामक समिति की सिफारिश पर 45 निजी स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। इन स्कूलों पर तय सीमा से अधिक फीस वृद्धि करने और प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी करने का आरोप है। यह कार्रवाई अभिभावकों की शिकायतों के बाद की गई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
डीएम के आदेश की अवहेलना
इस पूरे मामले में Medha Roopam की अध्यक्षता में 7 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में यह तय किया गया कि फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा CPI+5% के आधार पर 7.23 प्रतिशत होगी। सभी स्कूलों को इस आदेश का पालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद कई स्कूलों ने नियमों की अनदेखी करते हुए फीस बढ़ा दी।
अभिभावकों की शिकायत पर कार्रवाई
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कई अभिभावकों ने स्कूलों की बढ़ी हुई फीस को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला शुल्क नियामक समिति ने जांच की और 45 स्कूलों के खिलाफ नोटिस जारी किया। अब इन स्कूलों को अपना पक्ष रखना होगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंड
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- पहली बार उल्लंघन पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना
- दूसरी बार 5 लाख रुपये तक का जुर्माना
- तीसरी बार स्कूल की मान्यता समाप्त करने की सिफारिश
इससे यह स्पष्ट है कि प्रशासन इस मुद्दे पर कोई ढिलाई नहीं बरतने वाला।
अभिभावकों को दी गई राहत
प्रशासन ने अभिभावकों को यह सुविधा भी दी है कि यदि कोई स्कूल निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाता है, तो वे ई-मेल या अन्य माध्यमों से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इससे अभिभावकों को अपनी आवाज उठाने का एक मजबूत मंच मिला है। गौतमबुद्ध नगर प्रशासन की यह कार्रवाई शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और अभिभावकों के हितों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए ऐसे सख्त कदम जरूरी हैं, ताकि शिक्षा सभी के लिए सुलभ और न्यायसंगत बनी रहे।
