Rajasthan News: जयपुर, 25 जून 2026: राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (MAA) योजना के दायरे का विस्तार करते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब योजना से जुड़े पात्र परिवार राज्य के बाहर भी देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस और मुफ्त इलाज करा सकेंगे। सरकार ने इस सुविधा को ‘आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी’ नाम दिया है।
सरकार का दावा है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद राजस्थान इस तरह की सुविधा देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अब दूसरे राज्यों में भी मिलेगा मुफ्त इलाज
नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से जुड़े परिवार अब राजस्थान की सीमा से बाहर भी योजना का लाभ ले सकेंगे। पात्र लाभार्थी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) से जुड़े अस्पतालों में देशभर में कैशलेस इलाज करा सकेंगे।
इससे पहले दूसरे राज्यों के मरीज राजस्थान में इलाज करा सकते थे, लेकिन अब राजस्थान के मरीजों को भी राज्य के बाहर उपचार की सुविधा मिल गई है। सरकार इसे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है।
25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर मिलता है। अब यह सुविधा दूसरे राज्यों के सूचीबद्ध अस्पतालों में भी उपलब्ध होगी।
सरकार का कहना है कि इससे मरीजों को इलाज के लिए अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ेगा और आर्थिक बोझ काफी कम होगा। खासकर गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
30 हजार से ज्यादा अस्पतालों का नेटवर्क
नई व्यवस्था के बाद राजस्थान के लाभार्थियों के लिए देशभर में 30 हजार से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों का नेटवर्क उपलब्ध हो गया है। इनमें कई बड़े सरकारी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, हृदय रोग, कैंसर, किडनी, न्यूरोलॉजी और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज अब देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में भी योजना के तहत इलाज करा सकेंगे।
1.36 करोड़ से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना से राजस्थान के 1.36 करोड़ से अधिक परिवार जुड़े हुए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल PMJAY कार्डधारकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि MAA योजना के सभी पंजीकृत परिवार इसका लाभ उठा सकेंगे।
योजना में स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ दुर्घटना बीमा जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी शामिल हैं। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और व्यापक होगी।
गंभीर मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
सरकार के मुताबिक, अब तक कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली, गुजरात और अन्य राज्यों में जाना पड़ता था, जहां उन्हें भारी खर्च उठाना पड़ता था। कई मामलों में आर्थिक तंगी इलाज में बाधा बनती थी।
नई आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी व्यवस्था लागू होने के बाद मरीज देश के किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में बिना आर्थिक चिंता के इलाज करा सकेंगे। इसे गंभीर रोगियों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की कोशिश
राजस्थान सरकार इस फैसले को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में लागू इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इलाज की सुविधा राज्य की सीमाओं तक सीमित न रहे।
सरकार का मानना है कि यदि किसी मरीज को बेहतर उपचार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़े, तो आर्थिक कारण उसके इलाज में बाधा नहीं बनने चाहिए। यही सोच इस नई व्यवस्था की आधारशिला मानी जा रही है।
दूसरे राज्यों के लिए भी बन सकता है मॉडल
राजस्थान सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में लागू की गई आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी देश में अपनी तरह की पहली व्यवस्था है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो दूसरे राज्य भी ऐसी व्यवस्था अपनाने पर विचार कर सकते हैं।
फिलहाल इतना साफ है कि इस फैसले से लाखों परिवारों को राज्य की सीमाओं से बाहर भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। आने वाले समय में इसका असर मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और उपचार के विकल्पों पर देखा जाएगा।
