MP News: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को रफ्तार, मोहन यादव बोले- होगा अब तक का सबसे भव्य आयोजन

मध्यप्रदेश
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MP News: उज्जैन, 27 जून 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ किया। ‘सिंहस्थ-2016 के अनुभव, 2028 का संकल्प’ विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में सिंहस्थ मेले की तैयारियों, विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और विकास को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने का अवसर है। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

2016 के अनुभवों से लिया जाएगा मार्गदर्शन

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2016 के सिंहस्थ के अनुभवों की समीक्षा करना और वर्ष 2028 के आयोजन को अधिक व्यवस्थित एवं आधुनिक बनाना रहा। अधिकारियों और विशेषज्ञों ने पिछली व्यवस्थाओं की सफलताओं और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली कमियों से सीख लेते हुए इस बार श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया जाएगा।

अधोसंरचना और विकास कार्यों पर विशेष फोकस

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में बड़े पैमाने पर अधोसंरचना विकास कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य शहर की सड़क, घाट, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना है।

हाल ही में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ क्षिप्रा नदी के नए घाट, पीएम एकता मॉल और कान्हा डायवर्जन परियोजना सहित कई विकास कार्यों की भी समीक्षा की थी।

श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोजन के दौरान सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसा आयोजन करना चाहती है, जो धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक प्रबंधन और उत्कृष्ट सुविधाओं का भी उदाहरण बने।

सिंहस्थ को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी

सरकार का मानना है कि सिंहस्थ 2028 मध्य प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर होगा। बड़ी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना को देखते हुए तैयारियों को समय से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की पहचान और विकास का प्रतीक भी है। इसलिए सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयसीमा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समयबद्ध तैयारियों पर सरकार का जोर

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ 2028 से जुड़े सभी निर्माण और विकास कार्य तय समय के भीतर पूरे किए जाएंगे। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और नियमित समीक्षा बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा।

आने वाले महीनों में उज्जैन में बुनियादी ढांचे, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य सिंहस्थ 2028 को अब तक का सबसे सुव्यवस्थित और भव्य आयोजन बनाना है।