Punjab

Punjab: पंजाब कैबिनेट ने ‘नई दिशा’ योजना को हरी झंडी दी: महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा फैसला — डॉ. बलजीत कौर

पंजाब राजनीति
Spread the love

13.65 लाख लाभार्थी महिलाओं को नियमित रूप से सेनेटरी नैपकिन की आपूर्ति सुनिश्चित — डॉ. बलजीत कौर

खरीद–वितरण प्रक्रिया होगी और अधिक पारदर्शी व मजबूत — डॉ. बलजीत कौर

मोबाइल ऐप, डिजिटल डैशबोर्ड और जागरूकता अभियान से योजना और सुदृढ़ — डॉ. बलजीत कौर

Punjab News: पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने मुफ्त सेनेटरी नैपकिन वितरण कार्यक्रम के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है, जिसका नया नाम अब ‘नई दिशा योजना’ रखा गया है। इस निर्णय का उद्देश्य राज्यभर में एक भरोसेमंद, सुचारू और बाधारहित लागूकरण प्रणाली सुनिश्चित करना है। संशोधित योजना के तहत, जरूरतमंद महिलाओं को प्रति माह 9 सेनेटरी नैपकिन नियमित रूप से आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किए जाएंगे। प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में 50 लाभार्थियों के लक्ष्य के आधार पर, हर महीने कम से कम 13,65,700 महिलाओं को कवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री ने कहा कि पात्र लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे ताकि हर महिला तक यह सुविधा पहुंच सके।

ये भी पढ़े: Punjab: सशक्त पंचायत, समृद्ध गाँव- पंजाब सरकार ने विकास कार्यों के लिए जारी की 332 करोड़ की पहली किश्त

योजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए पंजाब कैबिनेट ने 53 करोड़ रुपए की राशि को मंजूरी दी है।

डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि नए ढांचे में खरीद, यातायात, वितरण, निगरानी और गुणवत्ता जांच से संबंधित स्पष्ट और मजबूत नियम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य पहले सामने आने वाली अनियमितताओं को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए, योजना के तहत मोबाइल एप्लिकेशन, डिजिटल डैशबोर्ड और अन्य आई.टी. टूल्स के माध्यम से वास्तविक समय का डेटा मॉनिटर किया जाएगा और समीक्षा की जाएगी। इससे संपूर्ण सप्लाई चेन का रिकॉर्ड डिजिटल हो जाएगा और हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया कि महिलाओं और लड़कियों को स्वस्थ माहवारी प्रथाओं, स्वच्छता और समग्र स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करने के लिए जागरूकता और आई.ई.सी. अभियान भी चलाया जाएगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि दो वर्षों बाद योजना के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, ताकि और बेहतरी के लिए आवश्यक कदम  उठाएं जा सकें।