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Punjab News: ईडी गिरफ्तारी को लेकर हाईकोर्ट पहुंचे ‘आप’ मंत्री संजीव अरोड़ा, बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई

पंजाब
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Punjab News: Sanjeev Arora ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई अपनी गिरफ्तारी को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई इस कार्रवाई को उन्होंने राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है।

हाईकोर्ट में सुरक्षा की मांग

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान संजीव अरोड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पुनीत बाली ने दलील दी कि ईडी की कार्रवाई राजनीतिक साजिश का हिस्सा है।

उन्होंने अदालत से मांग की कि जिस तरह हाल ही में भाजपा सांसदों को सुरक्षा दी गई थी, उसी तरह संजीव अरोड़ा को भी संरक्षण दिया जाए।

मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस Sheel Nagu और जस्टिस संजीव बेरी की डिवीजन बेंच के सामने हुई।

‘राजनीतिक बदले’ का आरोप

संजीव अरोड़ा के वकील ने अदालत में कहा कि पंजाब इस समय राजनीतिक बदले की लड़ाई का गवाह बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं को चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।

वकील ने भाजपा में शामिल हुए कुछ नेताओं के मामलों का हवाला देते हुए कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, जबकि संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया गया।

क्या है पूरा मामला?

Enforcement Directorate ने 9 मई को संजीव अरोड़ा को ‘हैंपटन स्काई रियल्टी लिमिटेड’ से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था।

ईडी का आरोप है कि कंपनी ने FEMA नियमों का उल्लंघन किया और बिना वास्तविक माल भेजे निर्यात दिखाया गया।

हालांकि, अरोड़ा की ओर से इन आरोपों को खारिज किया गया। उनके वकील ने कहा कि सभी लेनदेन बैंकिंग चैनलों और चेक के माध्यम से किए गए थे तथा निर्यात प्रक्रिया कस्टम क्लीयरेंस के साथ पूरी हुई थी।

एफआईआर और गिरफ्तारी प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अरोड़ा के वकील ने ईडी की कार्रवाई की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस की एफआईआर पर आधारित है, जिसकी प्रति तक आरोपी को नहीं दी गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और गिरफ्तारी के आधार बाद में बताए गए।

14 मई को होगी अगली सुनवाई

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 14 मई के लिए तय कर दी है।

अब इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला पंजाब की राजनीति और एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर नई बहस खड़ी कर सकता है।