Punjab News: पंजाब के कंडी क्षेत्र को लंबे समय तक पिछड़ा और बारिश पर निर्भर माना जाता रहा है। ऊंचाई और भौगोलिक चुनौतियों के कारण यहां नहरी पानी पहुंचाना आसान नहीं था। लेकिन अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए कंडी क्षेत्र की तस्वीर बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना से ऐतिहासिक बदलाव
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने काठगढ़ लिफ्ट सिंचाई योजना का उद्घाटन करते हुए बताया कि 214 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना ने पहली बार ऊंचे और अर्ध-पहाड़ी इलाकों तक नहरी पानी पहुंचाने का काम किया है।

इस योजना से करीब 33 गांवों की 11,500 एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र की कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।
किसानों के लिए नई उम्मीद
कंडी क्षेत्र के किसान अब तक बारिश और सीमित जल संसाधनों पर निर्भर थे, जिससे फसलों की विविधता और उत्पादन दोनों सीमित थे। इस नई सिंचाई व्यवस्था से किसानों को नियमित पानी मिलेगा, जिससे वे बेहतर और विविध फसलें उगा सकेंगे।
इसका सीधा असर किसानों की आय में वृद्धि और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार के रूप में देखने को मिलेगा।

आधुनिक तकनीक से तैयार परियोजना
इस परियोजना को आधुनिक तकनीकों जैसे सैटेलाइट और ड्रोन सर्वेक्षण की मदद से डिजाइन किया गया है। पानी को बिस्त-दोआब नहर से जोड़कर पंपों के जरिए ऊंचे क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
इसके अलावा, 650 किलोवाट का सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है, जिससे बिजली की खपत कम होगी और परियोजना अधिक टिकाऊ बनेगी।
चरणबद्ध तरीके से विकास
इस योजना को तीन चरणों में पूरा किया जा रहा है। पहला चरण पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि बाकी चरणों को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे आने वाले समय में और अधिक गांवों और कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा।

व्यापक स्तर पर सिंचाई सुधार
सरकार का दावा है कि राज्य में सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए अब तक 6700 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। नहरी पानी की पहुंच, जो पहले 22 प्रतिशत थी, अब बढ़कर 78 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
इससे न केवल भूजल पर निर्भरता कम हुई है, बल्कि बिजली की खपत में कमी और मिट्टी की उर्वरता में भी सुधार हुआ है।
कंडी क्षेत्र में नहरी पानी पहुंचाने की यह पहल पंजाब के कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखी जा रही है। भगवंत सिंह मान सरकार का यह कदम न केवल किसानों के जीवन को बेहतर बनाएगा, बल्कि राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती देगा।
आने वाले समय में यह परियोजना कंडी क्षेत्र को एक पिछड़े इलाके से विकसित कृषि क्षेत्र में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
