Bihar News: पटना, 10 जून 2026: बिहार में होने वाले श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं। पर्यटन विभाग ने इस वर्ष मेले को और अधिक भव्य और सुविधाजनक बनाने की योजना तैयार की है। पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने विभागीय अधिकारियों और भागलपुर, मुंगेर तथा बांका जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए।
30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा मेला
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा। इस दौरान लाखों कांवरिया बाबा अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज से जल लेकर देवघर के लिए रवाना होंगे। पर्यटन विभाग का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं मिलें और पूरे मार्ग को धार्मिक वातावरण से जोड़ा जाए।
बाबा अजगैबीनाथ से दुम्मा तक दिखेगा शिवमय स्वरूप
पर्यटन सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, सुल्तानगंज से बिहार सीमा के दुम्मा तक पूरे मेला पथ को शिवमय स्वरूप दिया जाए। मार्ग में जगह-जगह आकर्षक प्रवेश द्वार, विशेष रोशनी, सजावट और शिव मंत्रों की ध्वनि की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं को धार्मिक माहौल का अनुभव कराने के लिए कई स्थानों पर विशेष आयोजन भी होंगे।
टेंट सिटी में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों के ठहरने के लिए विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में टेंट सिटी बनाई जाएंगी। सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ में इस बार 500 बेड की व्यवस्था होगी, जबकि पहले यह संख्या 200 थी। बांका जिले के अबरखा में 600 बेड, धौरी में पहली बार 200 बेड और गोड़ियारी में 250 बेड की व्यवस्था की जाएगी।
मुंगेर जिले के खैरा और धोबई में 200-200 बेड की सुविधा उपलब्ध होगी। पहली बार असरगंज में 300 बेड, तारापुर में 200 बेड और संग्रामपुर में 200 बेड वाले टेंट सिटी बनाए जाएंगे। सभी टेंट सिटी में शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्नानघर, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं और कांवर स्टैंड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही जीविका दीदी की रसोई भी संचालित होगी, जहां श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
लाइट, साउंड और ड्रोन शो होंगे आकर्षण का केंद्र
पर्यटन विभाग ने इस बार मेले को और आकर्षक बनाने के लिए विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई है। अजगैबीनाथ सहित प्रमुख टेंट सिटी में लाइट एंड साउंड शो, फाउंटेन शो, लेजर शो और ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रावणी मेला की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को प्रस्तुत किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा मेला
मेले की पूरी अवधि में विभिन्न टेंट सिटी में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। मेला के उद्घाटन और समापन अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे। वहीं प्रत्येक सोमवार को राज्यस्तरीय कलाकार और अन्य दिनों में जिलास्तरीय कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कलाकारों के चयन के लिए जिला स्तर पर स्क्रीनिंग समितियों का गठन किया जाएगा।
भागलपुर में बनेंगे स्विस कॉटेज
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भागलपुर में सोनपुर मेले की तर्ज पर 25 स्विस कॉटेज बनाए जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगा। पर्यटन विभाग का मानना है कि इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर आवास सुविधा मिलेगी।
श्रावणी मेला 2026 को अधिक सुविधाजनक, आकर्षक और धार्मिक स्वरूप देने के लिए पर्यटन विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर अनुभव मिल सके तथा बिहार की धार्मिक पर्यटन पहचान को और मजबूती मिले।
