Punjab News: पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल ने चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिससे लंबे समय से खाली पड़े महत्वपूर्ण पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा कैबिनेट ने जल संसाधन विभाग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी मंजूरी प्रदान की।
चुनाव विभाग में दूर होंगी प्रशासनिक बाधाएं
कैबिनेट के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य चुनाव विभाग में कर्मचारियों की कमी को दूर करना और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनावी व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
सरकार का मानना है कि विभाग में आवश्यक पदों की समय पर भर्ती होने से मतदाता सूची संशोधन और चुनाव संबंधी कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
चुनाव तहसीलदार बनने के नियमों में बदलाव
मंत्रिमंडल ने चुनाव कानूनगो से चुनाव तहसीलदार पद पर पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव की अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने का फैसला लिया है।
इस बदलाव के बाद अधिक संख्या में कर्मचारी पदोन्नति के लिए पात्र हो सकेंगे और विभाग में रिक्त पदों को जल्दी भरा जा सकेगा।
7 रिक्त पदों को भरने का रास्ता साफ
चुनाव विभाग में चुनाव तहसीलदार के सात पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। मौजूदा नियमों के तहत 15 वर्ष का अनुभव अनिवार्य होने के कारण विभाग में कार्यरत कोई भी चुनाव कानूनगो पदोन्नति के लिए पात्र नहीं था।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद योग्य कर्मचारियों को पदोन्नति देकर इन रिक्त पदों को भरा जा सकेगा, जिससे विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में मिलेगी मदद
प्रदेश में मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) चल रहा है। इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं।
सरकार का मानना है कि चुनाव तहसीलदारों की उपलब्धता बढ़ने से मतदाता सूची तैयार करने, संशोधन करने और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अन्य कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
चुनावी तैयारियों को मिलेगी मजबूती
कैबिनेट के इस निर्णय को चुनावी मशीनरी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने से चुनाव आयोग और चुनाव विभाग के कार्यों में तेजी आएगी तथा चुनावी प्रक्रियाओं का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए जल संसाधन विभाग की वार्षिक प्रशासनिक रिपोर्ट को भी स्वीकृति दी गई।
सरकार के अनुसार इस रिपोर्ट से विभाग द्वारा वर्षभर किए गए कार्यों, उपलब्धियों और प्रशासनिक गतिविधियों का दस्तावेजीकरण और मूल्यांकन करने में सहायता मिलेगी।
पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लगातार प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान दे रही है। चुनाव विभाग के सेवा नियमों में संशोधन और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि चुनावी प्रक्रियाएं पारदर्शी, सुचारू और समयबद्ध तरीके से संचालित हों तथा मतदाताओं को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
विधानसभा चुनावों से पहले अहम फैसला
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव विभाग को मजबूत करने का यह फैसला प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। इससे मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनाव प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और व्यवस्थित हो सकेगी।
