Punjab News: पंजाब सरकार ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर चलने वाले क्रमवार समागमों की औपचारिक शुरुआत कर दी है। इन कार्यक्रमों की शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खुरालगढ़ से की। यह समागम 20 फरवरी 2027 तक पूरे पंजाब में आयोजित किए जाएंगे।
साल भर होंगे धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आयोजन
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस दौरान संत सम्मेलन, कॉन्फ्रेंस, कथा-कीर्तन और यूनिवर्सिटीज़ में सेमिनार आयोजित होंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य गुरु रविदास जी के संदेशों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना है।
खुरालगढ़ और फरीदपुर में बड़े विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खुरालगढ़ में श्री गुरु रविदास यादगार का विस्तार किया जाएगा और फरीदपुर में श्री गुरु रविदास बाणी अध्ययन केंद्र की स्थापना होगी। यह केंद्र गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और बाणी के अध्ययन का प्रमुख केंद्र बनेगा।
समागमों के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इन आयोजनों और परियोजनाओं के लिए फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। संत समाज जो भी निर्देश देगा, सरकार उन्हें पूरी निष्ठा से पूरा करेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य सरकार की प्राथमिकता
भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को सबसे अधिक महत्व दे रही है। एक ओर आधुनिक स्कूल बनाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है।
गुरु रविदास जी का समानता का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी ने भेदभाव रहित और समानतावादी समाज का सपना देखा था। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को सही दिशा दिखाती हैं। सरकार उन्हीं आदर्शों पर चलकर समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है।
समाज को गुरु रविदास जी के मार्ग पर चलने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने के लिए गुरु रविदास जी की बाणी और विचारों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यह प्रकाश पर्व मानवता और बराबरी पर आधारित समाज बनाने का अवसर है।
