Haryana News: सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहालि में दो दिवसीय साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम साहित्यम 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्य, शिक्षा, संस्कृति और युवाओं के विचारों को एक साझा मंच देना था। देश के विभिन्न हिस्सों से आए वक्ताओं, शिक्षाविदों और छात्रों ने इसमें भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री नयाब सिंह सैनी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की नींव होती है और युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं होते, बल्कि यहां से समाज और देश को दिशा देने वाले विचार निकलते हैं।
शिक्षा और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में शिक्षा को रोजगार, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज के लिए कुछ नया करने की सोच विकसित करें। उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा प्रणाली ही विकसित भारत का आधार बन सकती है।
डॉ. किरण बेदी का प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम में भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी डॉ. किरण बेदी ने भी भाग लिया। उन्होंने नेतृत्व, अनुशासन और ईमानदारी के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और जिम्मेदारी लेने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर एक नए लीडरशिप लर्निंग प्रोग्राम की शुरुआत भी की गई।
साहित्य और विचार-विमर्श के सत्र
साहित्यम 2026 में साहित्य से जुड़े कई सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में लेखकों, वक्ताओं और छात्रों ने समाज, संस्कृति और समकालीन मुद्दों पर चर्चा की। युवा संसद और ओपन माइक जैसे कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर मिला।
स्टार्टअप और नवाचार को मिला मंच
यह आयोजन केवल साहित्य तक सीमित नहीं रहा। इसमें नवाचार और स्टार्टअप को भी विशेष महत्व दिया गया। सीजीसी यूनिवर्सिटी से जुड़े कई स्टार्टअप को आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन प्रदान किया गया। इससे युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने का हौसला मिला।
पुस्तक विमोचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया गया। लेखकों ने अपनी रचनाओं और अनुभवों को साझा किया। इसके साथ ही पंजाबी साहित्य, कला और संगीत से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसने पूरे आयोजन को सांस्कृतिक रंग दिया।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक मंच
साहित्यम 2026 युवाओं के लिए सीखने, सोचने और आगे बढ़ने का मंच बना। इस कार्यक्रम ने छात्रों को न केवल ज्ञान दिया, बल्कि उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का अवसर भी प्रदान किया।
साहित्यम 2026 का समग्र संदेश
साहित्यम 2026 एक ऐसा आयोजन रहा जिसमें शिक्षा, साहित्य, संस्कृति और नवाचार एक साथ नजर आए। इसने यह संदेश दिया कि जब विचार, ज्ञान और युवा ऊर्जा एक साथ आते हैं, तो समाज और देश के लिए सकारात्मक बदलाव की शुरुआत होती है।
