Punjab News: फिरोजपुर दुकानदार हत्याकांड में बड़ी सफलता, जम्मू-कश्मीर से दो शूटर गिरफ्तार

पंजाब
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Punjab News: पंजाब में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फिरोजपुर के चर्चित दुकानदार हत्याकांड में शामिल दो शूटरों को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ), फिरोजपुर पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान की गई।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के भरतपुर निवासी विष्णु कुमार और कोटा निवासी राहुल महावर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक .30 बोर की बेरेटा पिस्तौल और 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

1 जून को हुई थी दुकानदार की हत्या

जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 को फिरोजपुर जिले के मखू कस्बे में स्थित गाबा जनरल स्टोर के मालिक गुरचरण सिंह गाबा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मोटरसाइकिल पर आए दो हमलावरों ने उन पर तीन गोलियां चलाई थीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी।

राजस्थान से जम्मू-कश्मीर तक चला ऑपरेशन

मामले की जांच के दौरान एजीटीएफ ने डीएसपी राजन परमिंदर सिंह की निगरानी में “हिल ट्रैप” नाम से विशेष अभियान चलाया। पहले राजस्थान में कई स्थानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी जम्मू-कश्मीर में छिपे हुए हैं।

इस सूचना के आधार पर पंजाब पुलिस, फिरोजपुर पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। पुलिस टीम ने पतनीटॉप-कुड़ रोड पर पुलिस स्टेशन कूद्द के पास नाका लगाया। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

एक आरोपी पर पहले से था इनाम

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी विष्णु कुमार का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसके खिलाफ जबरन वसूली, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। राजस्थान पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।

साजिश के पीछे के लोगों की तलाश जारी

फिरोजपुर के एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि पुलिस अब हत्या के पीछे की पूरी साजिश का खुलासा करने में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां उन लोगों की पहचान कर रही हैं जिन्होंने हमले की योजना बनाई, आर्थिक सहायता दी या अन्य प्रकार की मदद पहुंचाई।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस हत्याकांड से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। इस मामले में पहले ही पुलिस थाना मखू में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया जा चुका है।