Bihar News: बिहार की बहुप्रतीक्षित कच्ची दरगाह-बिदुपुर 6 लेन गंगा सेतु परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने रविवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष कार्य जुलाई 2026 के पहले सप्ताह तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इस पुल के शुरू होने के बाद पटना और उत्तर बिहार के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।
98 फीसदी से अधिक काम पूरा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का 98.1 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में पुल पर फिनिशिंग, एक्सपेंशन जॉइंट्स की स्ट्रेसिंग और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य जुलाई के पहले सप्ताह तक सभी शेष कार्य पूरे करना है।
19.76 किलोमीटर लंबी है मेगा परियोजना
यह ग्रीनफील्ड परियोजना कुल 19.76 किलोमीटर लंबी है, जिसमें:
- 9.76 किलोमीटर लंबा गंगा पुल
- 10 किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड
शामिल है।
यह पुल पटना जिले के कच्ची दरगाह को वैशाली जिले के बिदुपुर से जोड़ेगा।
पहला चरण पहले ही हो चुका है शुरू
परियोजना के पहले चरण में कच्ची दरगाह (पटना) से राघोपुर दियारा (वैशाली) तक 4.57 किलोमीटर लंबे हिस्से का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है। अब पूरे प्रोजेक्ट के पूरा होने का इंतजार है।
गांधी सेतु का दबाव होगा कम
वर्तमान में पटना और उत्तर बिहार के बीच अधिकांश यातायात महात्मा गांधी सेतु पर निर्भर है। कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में वाहन इस नए मार्ग का उपयोग करेंगे, जिससे गांधी सेतु पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा।
पटना से उत्तर बिहार का सफर होगा तेज
यह सिक्स लेन पुल पटना-बख्तियारपुर बाईपास (एनएच-30) को सीधे एनएच-103 से जोड़ेगा। इसके माध्यम से हाजीपुर, समस्तीपुर, वैशाली और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचना आसान होगा।
यात्रियों को:
- कम समय में यात्रा
- बेहतर सड़क संपर्क
- सुरक्षित आवागमन
- ट्रैफिक जाम से राहत
जैसे कई फायदे मिलेंगे।
कृषि, व्यापार और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
पुल के चालू होने के बाद क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, वहीं व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मरीजों को भी होगी बड़ी सुविधा
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए पटना पहुंचने में लगने वाला समय कम होगा। इससे वैशाली और आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
उत्तर बिहार के विकास की नई धुरी बनेगा पुल
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्ची दरगाह-बिदुपुर गंगा सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच विकास का नया कॉरिडोर साबित होगा। इसके चालू होने से परिवहन, व्यापार, पर्यटन और निवेश गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
