‘सरकार-किसान मिलनी’ में कम पानी वाली खेती और भूमिगत जल संरक्षण पर रहेगा मुख्य फोकस
Punjab News: पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Singh Mann) आज पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में अपनी तरह की अनूठी ‘सरकार-किसान मिलनी’ (Sarkar-Kisan Milani) के दौरान राज्य के किसानों से सीधा संवाद करेंगे। इस मुलाकात का उद्देश्य किसानों को पानी की कम खपत वाली धान की किस्में अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे बेशकीमती भूमिगत जल को बचाया जा सके।
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1100 से अधिक किसान होंगे शामिल
आज शनिवार को आयोजित इस किसान मिलनी (Farmer Milne) में राज्य भर से आए 1100 से अधिक किसानों के भाग लेने की उम्मीद है। इस मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में कई स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से किसानों को खेती के विकास हेतु सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी जाएगी।
जल संरक्षण पर रहेगा मुख्य फोकस
यह कार्यक्रम खास तौर पर धान की बुवाई के मौसम से पहले आयोजित किया गया है जिससे किसानों को ऐसी तकनीकों और किस्मों के बारे में जानकारी दी जा सके जो कम पानी में भी अच्छी उपज दें। कार्यक्रम के दौरान पंजाब कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित धान की किस्मों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा।
1 जून से शुरू होगी धान की रोपाई
किसानों को यह भी बताया जाएगा कि धान की कटाई के समय अधिक नमी के कारण मंडियों में फसल बेचने में जो समस्याएं आती हैं, उनसे बचने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष धान की रोपाई का समय 1 जून से तय किया है।
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धान की सुचारु बुवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने पंजाब को विभिन्न कृषि ज़ोन में बांट दिया है। जल्द ही इन ज़ोन के अनुसार चरणबद्ध रोपाई की तिथियों की घोषणा की जाएगी, जिससे किसान वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से फसल की बुवाई कर सकें। इस मिलनी में कृषि विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, जो किसानों को कम पानी वाली खेती, मिट्टी की सेहत, और आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित मार्गदर्शन देंगे।
