Punjab: आज शहीद मदन लाल ढींगरा के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
Punjab News: आज 17 अगस्त 2025 को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी शहीद मदन लाल ढींगरा को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की। 116 साल पहले, 17 अगस्त 1909 को लंदन के पेंटविले जेल में ढींगरा को फांसी दी गई थी। उन्होंने अपनी युवावस्था में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और स्वतंत्रता संग्राम को एक नया आयाम दिया।
सीएम मान का भावपूर्ण संदेश
सीएम भगवंत मान (CM Bhagwant Mann) ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शहीद मदन लाल ढींगरा को नमन करते हुए लिखा, ‘गुरु की नगरी श्री अमृतसर साहिब में जन्मे महान क्रांतिकारी योद्धा शहीद मदन लाल ढींगरा जी के शहीदी दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। देश की आजादी में अमूल्य योगदान देने वाले मदन लाल ढींगरा जी युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे।’ उन्होंने ढींगरा के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा जगाई गई आजादी की चिंगारी ने पूरे देश में आंदोलन का रूप लिया।
कौन थे शहीद मदन लाल ढींगरा?
18 सितंबर 1883 को अमृतसर के सिकंदरी गेट में जन्मे मदन लाल ढींगरा एक समृद्ध परिवार से थे। उनके पिता दित्तामल एक सिविल सर्जन थे और अंग्रेजों के प्रति वफादार थे, लेकिन ढींगरा का मन देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने में रमा था। उन्होंने लंदन में भारत सचिव के राजनीतिक सलाहकार सर विलियम हट कर्नल वायली की हत्या कर दी, जिसके लिए उन पर मुकदमा चला। 23 जुलाई 1909 को शुरू हुए मुकदमे के बाद उन्हें 17 अगस्त 1909 को फांसी दे दी गई।
स्वतंत्रता संग्राम में ढींगरा का योगदान
मदन लाल ढींगरा ने अपने साहसिक कदम से स्वतंत्रता संग्राम में नई ऊर्जा का संचार किया। केवल 25 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने प्राण देश के लिए न्योछावर कर दिए। उनके बलिदान ने न केवल पंजाब बल्कि पूरे भारत में युवाओं को अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया। ढींगरा का जीवन और उनका शहीदी दिवस आज भी देशभक्ति और बलिदान की भावना को जीवंत रखता है।
