Chhattisgarh News: रायपुर, 9 जून 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन और जनसुनवाई को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में बटन दबाकर इस बहुप्रतीक्षित सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने सीएम हेल्पलाइन के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्य और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
जनता की समस्याओं के समाधान के लिए नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक की समस्या को सुनना और उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान बड़ी संख्या में शिकायतें, सुझाव और जनप्रतिसाद प्राप्त हुए थे। इन्हीं अनुभवों के आधार पर एक स्थायी और प्रभावी जनसंपर्क व्यवस्था की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके परिणामस्वरूप सीएम हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनेगी और प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने में मदद करेगी।
टोल फ्री नंबर 1076 पर दर्ज होगी शिकायत
अब प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। इसके अलावा लोग सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जुड़ा फीडबैक भी दे सकेंगे तथा अपने सुझाव भी सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है। इससे नागरिक मोबाइल फोन के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे।
42 विभागों के 8 हजार अधिकारी जुड़े
सीएम हेल्पलाइन का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारियों को जोड़ा गया है। कुल 1195 श्रेणियों में शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की व्यवस्था की गई है।
प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी दी जाएगी, जिससे शिकायतकर्ता अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता है, तो मामला स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः जांच और समीक्षा के लिए भेज दिया जाएगा। इससे शिकायतों के केवल औपचारिक निपटारे की संभावना कम होगी।
24 घंटे चलेगी सेवा, होगी लगातार निगरानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित रहेगी। इसके लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी निगरानी करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी नियमित मॉनिटरिंग करेगा।
जनभागीदारी और डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल शिकायत निवारण की व्यवस्था नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को बढ़ावा देने का भी एक सशक्त मंच है। लोग राज्य के विकास से जुड़े सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली और विशेषताओं की जानकारी दी। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकासशील, प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री पी. दयानंद, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
