Punjab News: पंजाब सरकार ने किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। जल संसाधन एवं भूमि-जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने मालेरकोटला जिले के अमरगढ़ क्षेत्र में लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत वाली सिंचाई परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद 3,832 एकड़ से अधिक कृषि भूमि को पहली बार नहरी पानी उपलब्ध होगा।
सरकार का दावा है कि इससे किसानों की सिंचाई लागत कम होगी, भूजल पर निर्भरता घटेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
किसानों को मिलेगा पहली बार नहरी पानी
अमरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांव माणकमाजरा और दहलीज़ खुर्द में शुरू की गई इन परियोजनाओं का उद्देश्य उन क्षेत्रों तक नहरी पानी पहुंचाना है, जहां दशकों से किसान केवल ट्यूबवेल और भूजल पर निर्भर थे।
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य नहरों का पानी खेतों के अंतिम छोर तक पहुंचाना है, ताकि किसानों को स्थायी और सस्ती सिंचाई सुविधा मिल सके।
50-60 साल बाद फिर पहुंचेगा नहर का पानी
मंत्री ने बताया कि कोटला ब्रांच नहर से जुड़े भसौड़ माइनर को करीब 4.07 करोड़ रुपये की लागत से कंक्रीट लाइनिंग कर मजबूत बनाया गया है। इस परियोजना से मालेरकोटला और संगरूर के नौ गांवों को लगभग 50 से 60 वर्षों बाद फिर से नहरी पानी का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा कई गांवों तक भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया जा रहा है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि सिंचाई सुविधा से जुड़ जाएगी।
आधुनिक पाइपलाइन से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
परियोजना के तहत गांव दरोगेवाल, माणकमाजरा, रुस्तमगढ़, संगाली, संगाला और भैणी कलां सहित कई गांवों में नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इन कार्यों के पूरा होने पर करीब 1,986 एकड़ क्षेत्र को पहली बार नहरी सिंचाई सुविधा मिलेगी।
दूसरी ओर दहलीज़ खुर्द क्षेत्र में बठिंडा ब्रांच से 20 किलोमीटर से अधिक लंबी आधुनिक पाइपलाइन बिछाई जा रही है, जिससे लगभग 1,846 एकड़ अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
भूजल बचाने पर सरकार का फोकस
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब में लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए सरकार नहरी सिंचाई को बढ़ावा दे रही है। उनका कहना है कि नहरों के पानी का अधिकतम उपयोग करके भूजल दोहन को कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पानी बचाना केवल खेती का मुद्दा नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य और आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा का विषय है।
पिछली सरकारों पर साधा निशाना
कैबिनेट मंत्री ने पूर्व सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने पानी के मुद्दे पर केवल राजनीति की और राज्य के जल संसाधनों की रक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार नहरी ढांचे के आधुनिकीकरण और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं देने के लिए लगातार निवेश कर रही है।
किसानों की आय बढ़ाने में मिलेगी मदद
अमरगढ़ के विधायक प्रो. जसवंत सिंह गज्जनमाजरा ने कहा कि इन परियोजनाओं से किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। नहरी पानी मिलने से सिंचाई खर्च कम होगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए सरकार द्वारा लगातार संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आने वाले समय में और भी योजनाएं शुरू की जाएंगी।
कृषि क्षेत्र को मिलेगा नया सहारा
विशेषज्ञों का मानना है कि पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में नहरी सिंचाई का विस्तार खेती को अधिक टिकाऊ बना सकता है। इससे बिजली और भूजल पर दबाव कम होगा तथा किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन का अवसर मिलेगा।
सरकार को उम्मीद है कि ये परियोजनाएं कृषि क्षेत्र को नई मजबूती देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करेंगी।
पंजाब के जल प्रबंधन की नई दिशा
13 करोड़ रुपये की लागत वाली ये सिंचाई परियोजनाएं केवल पानी पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पंजाब में जल संरक्षण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। यदि परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो हजारों किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में कृषि विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।
