Punjab News: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के अधिकारियों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में किए गए हालिया संशोधन को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। पार्टी नेताओं ने इसे पंजाब के अधिकारों और देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि यह फैसला पंजाब के संसाधनों और अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश है।
क्या है मामला: बीबीएमबी नियमों में क्या बदलाव हुआ?
बीबीएमबी देश का एक महत्वपूर्ण बोर्ड है, जो भाखड़ा और ब्यास बांध जैसे बड़े जल संसाधनों का प्रबंधन करता है। पहले एक तय परंपरा थी कि
- पावर (बिजली) सदस्य पंजाब से
- सिंचाई सदस्य हरियाणा से
नियुक्त किया जाता था।
लेकिन अब नियमों में बदलाव कर इन पदों को “ओपन” कर दिया गया है, यानी देश के किसी भी राज्य का व्यक्ति इन पदों पर नियुक्त किया जा सकता है। इसी बदलाव को लेकर पंजाब की राजनीति में विवाद बढ़ गया है।

हरजोत सिंह बैंस ने कहा — संघीय ढांचे पर सीधा हमला
पंजाब सरकार के मंत्री Harjot Singh Bains ने इस संशोधन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह फैसला पंजाब के अधिकारों और भारत के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा फैसला Ambedkar Jayanti के दिन लिया गया, जबकि B. R. Ambedkar ने एक मजबूत संघीय व्यवस्था की कल्पना की थी।
बैंस का कहना है कि पंजाब का जल प्रबंधन बीबीएमबी से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए स्थानीय अधिकारियों की नियुक्ति जरूरी है। बाहर से अधिकारियों की नियुक्ति होने पर प्रदेश के हितों को नुकसान हो सकता है।
बरिंदर गोयल का आरोप — पंजाब के संसाधनों पर कब्जे की कोशिश
पंजाब के मंत्री Barinder Kumar Goyal ने कहा कि यह संशोधन पंजाब के अधिकारों में दखल देने और उसके महत्वपूर्ण संसाधनों पर नियंत्रण पाने की कोशिश है।
उन्होंने बताया कि 1974 में बीबीएमबी बनने के बाद से एक स्पष्ट व्यवस्था चल रही थी, जिस पर किसी राज्य ने आपत्ति नहीं जताई थी। लेकिन अब नियमों में बदलाव करके केंद्र सरकार ने अपनी पसंद के लोगों की नियुक्ति का रास्ता खोल दिया है।
गोयल ने यह भी कहा कि बीबीएमबी में सदस्यों की संख्या बढ़ाने से वित्तीय बोझ बढ़ेगा, जिसका बड़ा हिस्सा पंजाब को उठाना पड़ेगा।

बलतेज पन्नू का बयान — भाजपा की नीयत पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी Baltej Pannu ने कहा कि पहले जो पद पंजाब के लिए सुरक्षित थे, अब उन्हें “ओपन” कर दिया गया है। इससे देश के किसी भी व्यक्ति की नियुक्ति संभव हो गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा हर तरीके से पंजाब के पानी और संसाधनों पर नियंत्रण चाहती है। उनका कहना है कि चाहे पानी का मुद्दा हो, पंजाब यूनिवर्सिटी हो या चंडीगढ़, केंद्र सरकार हर क्षेत्र में अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
केंद्र सरकार को दी चेतावनी
आप नेताओं ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि पंजाब के लोग अपने पानी और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। उनका कहना है कि यदि किसी को यह भ्रम है कि ऐसे फैसलों से पंजाब का पानी छीना जा सकता है, तो उसे तुरंत छोड़ देना चाहिए।
पार्टी ने यह भी मांग की है कि बीबीएमबी नियमों में किए गए बदलाव को तुरंत वापस लिया जाए और पंजाब के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
