राष्ट्रीय नायकों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई
Punjab News: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब कैबिनेट ने राज्य में अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों को कानून अधिकारियों के तौर पर ठेके पर नियुक्त कर उन्हें उपयुक्त प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से एक अध्यादेश जारी कर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह फैसला भारतीय संविधान के निर्माता भारत रत्न बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि आज़ादी के बाद कांग्रेस और अन्य पार्टियों ने कमजोर और पिछड़े वर्गों को सशक्त नहीं किया, बल्कि उनका शोषण किया। इसके विपरीत आम आदमी पार्टी ने बाबा साहिब अंबेडकर और शहीद भगत सिंह जैसे राष्ट्रीय नायकों के सपनों को साकार करने की दिशा में हरसंभव कदम उठाया है। मंत्री चीमा ने कहा कि कैबिनेट द्वारा लिया गया यह फैसला सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा पंजाब लॉ ऑफिसर्स एंगेजमेंट एक्ट 2017 लाने के कदम का सख्त विरोध किया था, क्योंकि यह एक्ट कमजोर वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व से वंचित करता था, जो कि उनके साथ सरासर अन्याय था।
वित्त मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने पंजाब लॉ ऑफिसर्स एंगेजमेंट एक्ट 2017 में संशोधन के लिए एक अध्यादेश लाने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य वर्तमान वार्षिक आय सीमा को 50 प्रतिशत तक घटाकर अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित कानून अधिकारियों की ठेके पर भर्ती के लिए आय मानदंडों में ढील देना है। मंत्री चीमा ने कहा कि इस ढील का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्यों को पंजाब के एजी (एडवोकेट जनरल) कार्यालय में ठेके पर कानून अधिकारियों के रूप में उपयुक्त प्रतिनिधित्व प्रदान करना है।
इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में कैबिनेट ने राज्य के सुधार ट्रस्टों के अलॉटियों के लिए बिना निर्माण शुल्क और लंबित अलॉटमेंट राशि से संबंधित एकमुश्त राहत नीति (वन टाइम रिलैक्सेशन – OTR) को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से अलॉटियों को बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि उनका जुर्माना और ब्याज माफ कर दिया जाएगा।
मंत्री चीमा ने बताया कि भूगोलिक और प्रशासनिक समानता, दक्षता, लागत प्रभावशीलता और विधिक समन्वय बनाए रखने के लिए राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश में वर्तमान ब्लॉकों के पुनर्गठन और उन्हें तर्कसंगत बनाने को भी हरी झंडी दे दी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन ब्लॉकों के बेहतर प्रशासन के लिए उनका पुनर्गठन आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि मंत्रिमंडल ने मेडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अधीन मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत डॉक्टरों और प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति की आयु को वर्तमान 62 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने के निर्णय को भी मंजूरी दे दी है। इससे मेडिकल कॉलेजों में बिना किसी रुकावट के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।
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मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया कि मंत्रिमंडल ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए सेवानिवृत्त हो चुके विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की भी स्वीकृति दे दी है। उन्होंने कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन डॉक्टरों की हर वर्ष आवश्यकता के अनुसार नियुक्ति की जाएगी।
