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Chhattisgarh News: रक्तदान सबसे बड़ा दान, इससे बड़ी कोई सेवा नहीं: राज्यपाल रमेन डेका

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित लोकभवन में आयोजित एक विशेष समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करते हुए रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए किया गया रक्तदान सबसे बड़ा दान है और इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता।

विश्व रक्तदाता दिवस पर रक्तदाताओं का सम्मान

भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सर्वाधिक रक्तदान करने वाले 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर लोकभवन परिसर में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया।

रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है और यह केवल स्वस्थ लोगों के स्वैच्छिक रक्तदान से ही प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हिमोफिलिया, कैंसर और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपात स्थितियों में रक्त की उपलब्धता किसी व्यक्ति के जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय कर सकती है। ऐसे में रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोत्तम माध्यम है।

छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों में सेवा और परोपकार की भावना अद्भुत है। उन्होंने कहा कि वर्षों से हजारों लोग निःस्वार्थ भाव से रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सेवा भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करती है।

रेडक्रॉस की भूमिका को सराहा

राज्यपाल ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी और उसके ब्लड बैंक की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस वर्षों से जरूरतमंद लोगों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है और समाज के प्रति उसकी यह सेवा अत्यंत सराहनीय है।

रेडक्रॉस स्मारिका का हुआ विमोचन

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने रेडक्रॉस स्मारिका का विमोचन भी किया। समारोह में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन तोमन साहू ने स्वागत भाषण दिया, जबकि सचिव डॉ. रूपल पुरोहित ने आभार व्यक्त किया।

बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, रेडक्रॉस के उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही, कोषाध्यक्ष संजय पटेल, रेडक्रॉस ब्लड सेंटर रायपुर के प्रभारी डॉ. सत्यनारायण पाण्डेय, पूर्व चेयरमैन अशोक अग्रवाल, स्वैच्छिक रक्तदाता, सामाजिक संगठन और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

रक्तदान से बचाई जा सकती हैं अनगिनत जिंदगियां

विश्व रक्तदाता दिवस का यह आयोजन एक बार फिर इस संदेश को मजबूत करता है कि रक्तदान केवल एक चिकित्सा आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। एक यूनिट रक्त कई लोगों के जीवन में उम्मीद की नई किरण बन सकता है और यही कारण है कि रक्तदान को महादान कहा जाता है।