Robert Thurman : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान और शिक्षक रॉबर्ट ए. एफ. थुरमन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने थुरमन को बौद्ध दर्शन के महान ज्ञाता, सम्मानित शिक्षक और भारत का सच्चा मित्र बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
बौद्ध विचारों को वैश्विक पहचान दिलाने में निभाई अहम भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रॉबर्ट थुरमन ने अपने लेखन, शोध और शिक्षण कार्यों के माध्यम से बौद्ध विचारधारा को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने विभिन्न संस्कृतियों और समाजों के बीच संवाद तथा आपसी समझ को मजबूत करने का कार्य किया।
पीएम मोदी के अनुसार, थुरमन का जीवन ज्ञान, करुणा और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक था। उनकी विद्वता ने लाखों लोगों को बौद्ध दर्शन और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति आकर्षित किया।
न्यूयॉर्क में हुई मुलाकात को किया याद
प्रधानमंत्री ने कुछ वर्ष पहले न्यूयॉर्क शहर में रॉबर्ट थुरमन के साथ हुई अपनी मुलाकात को भी याद किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान दोनों के बीच बौद्ध दर्शन, संस्कृति और वैश्विक मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई थी, जिसकी स्मृतियां आज भी उनके मन में ताजा हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि थुरमन जैसे विद्वान दुर्लभ होते हैं, जो अपने ज्ञान के माध्यम से समाजों और देशों के बीच स्थायी संबंध स्थापित करते हैं।
परिजनों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना
प्रधानमंत्री ने शोक की इस घड़ी में रॉबर्ट थुरमन के परिवार, मित्रों और दुनिया भर में मौजूद उनके प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा और बौद्ध अध्ययन के क्षेत्र में उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।
एक्स पर पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि रॉबर्ट ए. एफ. थुरमन के निधन से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि थुरमन ने अपने कार्यों के जरिए बौद्ध विचारों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया और विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ का मजबूत सेतु बनाया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि न्यूयॉर्क में हुई उनकी मुलाकात और विचार-विमर्श को वह स्नेहपूर्वक याद करते हैं। उन्होंने दिवंगत विद्वान के परिवार, मित्रों और अनुयायियों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।
