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Noida News: 1000 अमेरिकियों को जाल में फंसा कर लूटने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश

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Noida पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए इस सेक्टर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की है।

Noida News: नोएडा पुलिस (Noida Police) ने सेक्टर-65 में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर (Fake Call Center) का भंडाफोड़ करते हुए सरगना समेत 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह तकनीकी सहायता के नाम पर अमेरिकी नागरिकों के कंप्यूटर में वायरस भेजकर उन्हें ठग रहा था। अब तक एक हजार से अधिक अमेरिकियों को इस घोटाले का शिकार बनाया जा चुका है। पढ़िए पूरी खबर…

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छापेमारी में मिला ठगी का अड्डा

डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी (Shakti Mohan Awasthi) ने कहा कि सूचना के आधार पर फेज-3 थाने की टीम और क्राइम रिस्पॉन्स टीम (सीआरटी) ने शुक्रवार को कॉल सेंटर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान आरोपी विदेशी नागरिकों को ठगने में व्यस्त थे। पुलिस ने सरगना ध्रुव अरोड़ा (26) सहित आकाश तिवारी, आकाश कुमार, तरुण कुमार, मयूर नायक, गुरविंदर सिंह, मयवो, सौरभ चंद्रा, प्रत्युमन शर्मा, गौरव जसरोटिया, कुनाल राजवंशी, दिव्यांश भडाला, अपूर्व सिंह, मोहम्मद फैजुल, अस्मीत सिंह, हरमन प्रीत सिंह, रितु राजपूत और सुकृति सिंह को गिरफ्तार किया। ज्यादातर आरोपी दिल्ली और हरियाणा के रहने वाले हैं। एक अन्य सरगना समीर फरार है, जिसकी तलाश के लिए एसीपी वर्णिका सिंह की अगुवाई में टीम गठित की गई है।

गिरोह का सरगना ध्रुव अरोड़ा गूगल, अन्य प्लेटफॉर्म और डार्क वेब के जरिए अमेरिकी नागरिकों का डेटा हासिल करता था। इसके बाद उनके कंप्यूटर में वायरस या बग भेजा जाता था और एक फर्जी हेल्पलाइन नंबर प्रदान किया जाता था। बार-बार दिखने वाले ईमेल और लिंक से परेशान होकर लोग हेल्पलाइन पर कॉल करते थे, जहां एक्स लाइट और आईबीम ऐप के जरिए इंटरनेट कॉल कर तकनीकी सहायता का झांसा दिया जाता था। आरोपी 100 से 1000 डॉलर तक की मांग करते थे। इस दौरान, जब लोग अपनी डिटेल चेक करते, तो आरोपी स्क्रीनशॉट लेकर उनके बैंक खाते और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर लेते थे।

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हवाला और क्रिप्टो के जरिए वसूली

आरोपियों ने विदेशी खातों को किराए पर लेकर डॉलर, गिफ्ट कूपन और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम वसूली। हवाला के माध्यम से यह पैसा भारतीय मुद्रा में प्राप्त किया जाता था। सभी कर्मचारियों को अमेरिकी लहजे में अंग्रेजी बोलने की ट्रेनिंग दी गई थी, ताकि पीड़ितों को कॉलर की राष्ट्रीयता का पता न चले।

भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद

पुलिस ने मौके से 23 लैपटॉप, 23 हैंडसेट, 23 माउस, 27 लैपटॉप चार्जर, 17 मोबाइल, एक पेनड्राइव और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। अधिकांश आरोपी स्नातक हैं, जिनमें सरगना ध्रुव ने प्रोग्रामिंग में बीए, आकाश ने एलएलबी, तरुण ने बीकॉम और प्रत्युमन ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की है।

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छह साल से चल रहा था ठगी का खेल

पुलिस (Police) के अनुसार, गैंग ने सेक्टर-65 में 50 हजार रुपये मासिक किराए पर मकान लेकर छह महीने से कॉल सेंटर चला रहा था। सरगना और कुछ अन्य आरोपी पहले दिल्ली में जेल जा चुके हैं और छह साल से देश के विभिन्न हिस्सों में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर विदेशी नागरिकों को ठग रहे थे। जेल से छूटने के बाद उन्होंने फिर से यह धंधा शुरू किया।