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Noida-ग्रेटर नोएडा मेट्रो लिंक से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों को फायदा

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Noida-Greater Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी की खबर है।

Noida-Greater Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लाखों यात्रियों (Passengers) के लिए बड़ी खुशखबरी की खबर है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने नोएडा लिंक लाइन (Aqua Link Line) परियोजना को जल्द शुरू करने की घोषणा की है। इस परियोजना के तहत बॉटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक एक नया मेट्रो कॉरिडोर (Metro Corridor) बनेगा, जिससे यात्रियों को ब्लू और मजेंटा लाइन से सीधे इंटरचेंज (Interchanges) की सुविधा मिलेगी और उनका सफर आसान हो जाएगा। पढ़िए पूरी खबर…
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3,000 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी ये मेट्रो लाइन

इस परियोजना की कुल लागत 3,000 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें 11.56 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन (Metro Line) पर 11 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। NMRC ने टोपोग्राफी सर्वेक्षण कराने की योजना बनाई है, जिसके माध्यम से भूमि की ऊंचाई, गहराई, मिट्टी की मजबूती और पिलर की जरूरत का अध्ययन किया जाएगा।

11 नए स्टेशन होंगे इस मेट्रो लिंक पर

इस लिंक लाइन पर कुल 11 नए स्टेशन प्रस्तावित हैं।

  • बॉटेनिकल गार्डन (ब्लू और मजेंटा लाइन से इंटरचेंज)
  • सेक्टर-44
  • नोएडा प्रशासनिक भवन
  • सेक्टर-97
  • सेक्टर-105
  • सेक्टर-108
  • सेक्टर-93
  • पंचशील बालक इंटर कॉलेज
  • सेक्टर-142 (पहले से बना हुआ)

इस परियोजना से क्या फायदे होंगे?

  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे सेक्टरों और सोसायटियों को मेट्रो से सीधा कनेक्शन मिलेगा।
  • दिल्ली एयरपोर्ट जाने वालों के लिए यात्रा में सुविधा होगी।
  • ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिलेगा।
  • मेट्रो लिंक से रोज़ाना लगभग 1.25 लाख लोग सफर करेंगे।
  • यात्रियों को ब्लू और मजेंटा लाइन से इंटरचेंज के लिए पैदल नहीं चलना पड़ेगा।

टोपोग्राफी सर्वे क्यों है जरूरी?

टोपोग्राफी सर्वे (Topography Survey) के द्वारा भूमि की संरचना, ऊंचाई-गहराई और मिट्टी की गुणवत्ता का अध्ययन किया जाएगा। यह सर्वे मेट्रो पिलर की गहराई और मजबूती तय करने में मदद करेगा, साथ ही यह जांचेगा कि कहां अंडरग्राउंड और कहां एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा। मेट्रो स्टेशन के पास पार्किंग और अन्य सुविधाओं की प्लानिंग भी इसी सर्वे के आधार पर की जाएगी।

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निर्माण कार्य कब शुरू होगा?

केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद 6 महीने के भीतर टेंडर (Tender) जारी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने में लगभग 5 साल का समय लग सकता है, और इसकी अनुमानित लागत 3,000 करोड़ रुपये होगी।

NMRC और यूपी सरकार का बयान

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) ने डीपीआर (Detailed Project Report) यूपी सरकार को भेज दी है। मंजूरी मिलने के बाद इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, और उम्मीद है कि कुछ महीनों में केंद्र से अप्रूवल मिल जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।