MP News

MP News: युवाओं को जड़ों से जोड़ने की पहल: मध्यप्रदेश में बनेंगे गीता भवन

मध्यप्रदेश राजनीति
Spread the love

MP News: मध्यप्रदेश में आम लोगों के बीच धार्मिक, आध्यात्मिक और साहित्यिक सोच को बढ़ावा देने के लिए हर नगरीय निकाय में गीता भवन बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि गीता भवन सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि विचार, अध्ययन और संवाद का केंद्र है। यहां युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और अपने मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

इंदौर और जबलपुर से हुई शुरुआत

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के हर शहर में गीता भवन बनाने का संकल्प तेजी से पूरा किया जा रहा है। प्रदेश का पहला गीता भवन लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी इंदौर में शुरू हो चुका है। दूसरा गीता भवन वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मभूमि जबलपुर में बनाया गया है।

यह भी पढ़ें: MP News: सीएम मोहन यादव ने 31वें इंटरप्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट का किया उद्घाटन

MP News: गीता भवन में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

गीता भवन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, श्रीमद्भगवद गीता के ज्ञान और पढ़ने की आदत को नई पीढ़ी से जोड़ना है। यहां अध्ययन, चिंतन, शोध और सांस्कृतिक चर्चा के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी।

गीता भवन में धार्मिक, पौराणिक, वैज्ञानिक सोच विकसित करने वाली किताबें, प्रेरक जीवनियां और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी पुस्तकें उपलब्ध होंगी। यहां वातानुकूलित ई-लाइब्रेरी भी होगी, जिसमें हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत की किताबें रहेंगी।

पाठकों के लिए अलग-अलग रामायण कक्ष, गीता कक्ष और सर्वधर्म पुस्तक कक्ष बनाए गए हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रवचनों और शैक्षणिक आयोजनों के लिए सुंदर सभागृह भी होगा।

क्या है श्रीकृष्ण पाथेय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों को जोड़कर श्रीकृष्ण पाथेय विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और जीवन मूल्यों को लोगों तक पहुंचाना है।

श्रीकृष्ण से जुड़े तीर्थ होंगे विकसित

श्रीकृष्ण पाथेय के तहत उज्जैन (शिक्षा स्थली), धार जिले का अमझेरा, बदनावर (रात्रि विश्राम स्थल), स्वर्णगिरी पर्वत के पास ग्राम नारायाणा (सुदामा मैत्री स्थल) और इंदौर के पास जानापाव जैसे स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इन मार्गों पर जल, वन और उद्यानों का संरक्षण किया जाएगा। साथ ही पुरातात्विक सर्वेक्षण के जरिए श्रीकृष्ण से जुड़े अन्य स्थानों की भी पहचान की जाएगी।

यह भी पढ़ें: MP News: भोपाल से जल्दी शुरू होने जा रहा है देश का पहला AI INTEGRATED डिजिटल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म

MP News: नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि गीता भवन और श्रीकृष्ण पाथेय का उद्देश्य केवल धार्मिक विकास नहीं, बल्कि समाज में सद्भाव, ज्ञान और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है। इससे युवा पीढ़ी अपनी परंपरा, संस्कृति और मूल्यों से जुड़कर एक बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकेगी।